गंगा में नरौरा बैराज से वाटर डिस्चार्ज बढ़ा दिया गया है। शनिवार को नरौरा बैराज से 94333 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगी हैं। शनिवार को गंगा का जल स्तर मीटर गेट पर 163.2 दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से कुछ ही कम है। शुक्रवार को मीटर गेज 162.38 के आस-पास था। गंगा में उफान से तटवर्ती गांवों के लोग दहशत में आ गए हैं। कटान की वजह से काफी जमीन भी गंगा में समा चुकी है। हालांकि, बाढ़ खंड का कहना है कि फिलहाल हालात सामान्य हैं। बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश के चलते गंगा में हरिद्वार और नरौरा बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को नरौरा बैराज से गंगा में 77679 क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज किया गया था। शनिवार को यह बढ़कर 94333 क्यूसेक हो गया। इसमें करीब 16654 क्यूसेक का इजाफा हुआ है। दो दिन में गंगा में 172012 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद हालत गंभीर होते दिख रहे हैं। उसहैत में पथरामई के पास गंगा ने जमीदाराना बांध पर कटान शुरू कर दिया हे। इस बांध पर इस बार बाढ़ खंड ने मरम्मत का भी काम नहीं कराया है। कछला में गंगा का मीटर गेज 163.50 पर पहुंचने के बाद जिले में गंगा के तटवर्ती करीब 200 गांव बाढ़ की चपेट में आ जाया करते हैं। शनिवार को मीटर गेज 163.2 पर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान से कुछ ही नीचे है। हालांकि, बाढ़ खंड अब भी स्थिति को सामान्य ही मान रहा है। इधर, गंगा का जल स्तर बढ़ने की वजह से उसहैत में जमीदाराना बांध पर हालात संवेदनशील होने लगे हैं। पथरामई के पास गंगा की धारा बांध से टकरा रही है। इससे यहां कटान तेज हो गया है। सहसवान, कादरचौक में भी गंगा कटान कर रही हैं। यहां काफी जमीन गंगा में समा चुकी है। नगला अजमेरी बांध से भी गंगा की धारा टकरा रही है। यहां भी करीब दो दर्जन गांवों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
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