एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद होने के बाद पहली बार जब बैंक शाखाएं खुलीं तो लोगों की भारी भीड़ बैंकों में नजर आई। लोगों सुबह नौ बजे से बैंक खुलने की खबर अखबारों में पढ़कर सुबह साढ़े आठ बजे से ही शहर की 32 बैंक शाखाओं सहित जिले की 188 बैंक शाखाओं के बाहर डेरा जमा दिया। शहर और देेहात क्षेत्रों में अधिकांश बैंक शाखाएं खुल तो गईं, लेकिन वहां पर कनेक्टीविटी की समस्या के चलते सुबह लेनदेन और नोट बदलने का काम नहीं हो सका, जबकि भारी भीड़ बैंक परिसर के अंदर और बाहर जमी रही। कुछ बैंकों ने रुपये बदलने वालों को अंदर ही नहीं जाने दिया, जबकि कुछ बैंक शाखाओं ने अपनी बैंक ग्राहकों को प्राथमिकता दी। कुछ बैंकों शाखाओं में ताले लटका दिए गए।
शहर में पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, सिंडीकेट बैंक समेत कई बैंकों ने सुबह नौ बजे के करीब बैंक शाखाएं खोल दीं। वहीं, यूनियन बैंक, यूको बैंक, जिला सहकारी बैंक, अर्बन कोऑपरेटिव, आईसीआईआई बैंक 10 बजे ही खुलीं। अधिकांश बैंकों में काम देर से ही शुरू हो सका। बैंकों के आसपास भारी भीड़ अपने नंबर आने के इंतजार में जमी रही। दोपहर तक कुछ बैंकों में स्थिति संभल गई, जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक की अधिकांश शाखाओं में भीड़ देर शाम तक जमा रही। लाइन में लगने वाले अधिकांश लोगों को आखिरकार धनराशि मिल ही गई, तो वे लोग खुशी-खुशी वापस हो गए। रुपये निकालने के लिए पुलिसकर्मी भी लाइन में लगे नजर आए।
एचडीएफसी, बैंक ऑफ बड़ौदा आदि बैंकों ने अपने बैंक शाखा के ग्राहकों पर ज्यादा फोकस रखा। इन बैंकों में रुपये जमा करने वालों की संख्या खासी रही, जबकि एसबीआई, पीएनबी, सिंडीकेट आदि बैंकों में निकालने वालों की खासी भीड़ जमा रही। शहर के साथ ही दातागंज, उझानी, सहसवान, बिसौली, बिल्सी, जरीफनगर, अलापुर, ककराला आदि क्षेत्रों में स्थित बैंक शाखाओं में भी ग्राहकों की भीड़ रही, लेकिन कहीं भी स्थिति बेकाबू नहीं हुए।