- विकास कार्याें की समीक्षा बैठक से अफसर नदारद
- डीएम पवन कुमार ने दिए वेतन काटने का आदेश
ग्रामीण अंचलों में साफ-सफाई के लिए 75 लाख रुपये के अनटाइट फंड की उपलब्धता के सापेक्ष मात्र तीस लाख रुपये ही खर्च होने पर डीएम पवन कुमार ने सीएमओ डॉ. नेमी चन्द्रा से इसका कारण जानना चाहा तो उन्होंने तर्क दिया कि ग्राम प्रधान और एएनएम के संयुक्त बैंक खाते न खुल पाने के कारण धनराशि व्यय नहीं हो रही है। डीएम ने फिर प्रश्न किया कि किस ग्राम पंचायत के प्रधान और एएनएम इस कार्य में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इस पर सीएमओ चुप्पी साध गए। अनटाइट फंड खर्च न होने पर सीएमओ को दोषी मानते हुए डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
शुक्रवार को विकास भवन स्थित सभाकक्ष में डीएम पवन कुमार ने विकास कार्यों की मासिक समीक्षा की। टीकाकरण अभियान में प्रदेश स्तर पर डी ग्रेड होने पर डीएम ने प्रभारी अधिकारी की बैठक में उपस्थिति के संबंध में सीएमओ से जानकारी ली तो उनके अनुपस्थित पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई और टीकाकरण प्रभारी डॉ. हरदत्त का वेतन काटने के निर्देश दिए। डीएम ने 12 वर्ष आयु तक के बच्चों के पंजीकरण के संबंध में सीएमओ से जानकारी ली तो वह पंजीकरण बच्चों का प्रतिशत भी नहीं बता सके। आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की समीक्षा के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी निर्मला शर्मा भी बिना स्वीकृति के अवकाश पर बताई गईं। डीएम ने इनका भी वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश स्तर पर कौशल विकास मिशन की सी श्रेणी होने पर डीएम ने संबंधित अधिकारी को लिखित चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। 726 नए हैंडपंपों की स्थापना के सापेक्ष 517 ही लगाए जाने तथा पेयजल पाइपलाइन योजना अंतर्गत डी श्रेणी होने पर नाराजगी जताई। बीडीओ म्याऊँ और जिला विकास अधिकारी की कार्य प्रणाली पर भी डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधूरे सेतु को पूर्ण कराने की समीक्षा के दौरान पाया कि मुढ़ा फरीदपुर रामगंगा पर बनाए जा रहे सेतु को मार्च 2019 तक पूर्ण किया जाना है। डीएम ने प्रधानमंत्री एवं लोहिया आवास योजना सहित अन्य कई विकास कार्याें की गहन समीक्षा की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अच्छे लाल सिंह यादव, उप जिलाधिकारी दातागंज रणविजय सिंह सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।