चित्रकूट। बरगढ़ थाना अंतर्गत हुई सड़क दुर्घटना के बाद भी परिवहन और पुलिस विभाग चेता नहीं है। सख्ती के नाम पर मात्र खानापूर्ति की जा रही है। डंपर, ट्रक व सवारियां ढोने वाले वाहन यातायात नियमों की अनदेखी कर वाहन चला रहे हैं। स्कूली बसे भी खटारा चल रही हैं। जिसमेें कई के तो कागजात ही सही नहीं हैं।
बरगढ़ के सुचिता कालोनी के पास एक टेंपो मेें डंपर ने टक्कर मार दिया था। इससे सात छात्राओं सहित नौ की मौत हो गई थी। बुधवार को ट्रैक्टर पलटने से दो छात्राओं की मौत हो गई। इसके पहले भी जिले में कई बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बाद भी परिवहन विभाग सहित पुलिस विभाग सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। यातायात के नियमों के विपरीत ट्रक, डंपर व टेंपो, स्कूल की बसें यातायात के नियमों के विपरीत वाहन चलाते हैं। खनिज सामग्री ढोने वालों ने तो हद ही कर दी है। क्षमता से अधिक माल भर कर डंपर निकलते हैं। टेंपो चालक भी क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर शहर व कस्बों में फ र्राटा भरते हैं। जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। पुलिस अधीक्षक मनोज झा का कहना है कि वाहनों की चेकिंग कर कार्रवाई की जा रही है।
होमगार्डों के सहारे यातायात व्यवस्था
होमगार्डों व पीआरडी के जवानों के सहारे यातायात व्यवस्था संभाली जा रही है। प्रमुख स्थानों में इनकी ड्यूटी लगाकर अधिकारी अपना फर्ज निभा रहे हैं। जिसमें से कई होमगार्ड सही तरीके से ड्यूटी नहीं करते हैं। इस मामले में यातायात प्रभारी योगेश कुमार ने बताया कि विभाग में स्टाफ कम है। होमगार्डों को प्रशिक्षण देकर ही डयूटी में लगाया गया है। विभाग के कई पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण हो गया है लेकिन उनके स्थान पर कोई नहीं आया है।
पुलिस कर्मी ही तोड़ते नियम
शहर में दूसरों को बिना हेलमेट व तीन सवारी पर चालान काटने वाले पुलिस कर्मी भी नियमाें की खूब अनदेखी करते हैं। भरी बाजार से बाइक में तीन पुलिस कर्मी आराम से प्रतिदिन निकलते हैं।