चित्रकूट। जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय में विश्व विकलांग दिवस समारोह के दूसरे दिन प्रदेश सरकार के विशेष सचिव ग्राम्य विकास लक्ष्मीकांत शुक्ला ने कहा कि विकलांगों के अंदर सकलांगों से अधिक कार्यक्षमता होती है। सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में विकलांग बड़ा योगदान दे सकते हैं। असली विकलांग तो वे सकलांग हैं जो सक्षम होते हुए समाज को लूट रहे हैं।
विशेष सचिव ने कहा कि जातिवाद इस देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है। विकलांगों के लिए सरकार ने जो योजनाएं बनाई हैं, उनका लाभ विकलांगों को जरूर मिलेगा। विकलांगों को रोजगार देने में चित्रकूट को आदर्श जिला बनाया जा सकता है। इस मौके पर विवि के संस्थापक कुलाधिपति जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि विकलांगों को अपनी योग्यता का मूल्यांकन अपनी शिक्षा के बल पर करना चाहिए। मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है। महोबा के कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज तिवारी ने जगद्गुरु की सराहना करते हुए कहा कि जगद्गुरु का जन्म ही विकलांगों के कल्याण के लिए हुआ है।
सपा राज्य कार्यकारिणी सदस्य अमिता बाजपेई ने कहा कि विकलांग विश्वविद्यालय से बड़ी कोई यज्ञशाला नहीं। जहां पीड़ित मानवता की सेवा हो, वही सबसे बड़ा मंदिर है। मुख्य विकास अधिकारी एमपी सिंह ने जिले के विकलांगों को सुविधाएं दिलाने का वादा किया। अतर्रा के राजाराम तिवारी का कहना था कि वह भी इस काम में जगद्गुरु का सहयोग करना चाहते हैं। कुलपति प्रो. बी पांडे ने समाज के सहयोग की जरूरत बताई। स्वागत विवि के जनसंपर्क अधिकारी उमाशंकर पांडे ने किया। इस मौके पर परियोजना निदेशक रामउजागर द्विवेदी, श्रीकांत त्रिपाठी, डा. गीता मिश्रा, रमापति मिश्रा, संजय सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन तुलसीदास परौहा ने किया।