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‘ईश्वर की कृपा से ही विकलांग सेवा संभव’

Chitrakoot Updated Tue, 19 Feb 2013 05:30 AM IST
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सीतापुर (चित्रकूट)। विकलांगों की सेवा ईश्वर की कृपा से ही संभव है। चित्रकूट में भगवान राम की इच्छा से ही जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने विकलांग विश्वविद्यालय स्थापित किया है। यह विचार रेजीडेंट प्रिंसिपल एडवाइजर मुख्यमंत्री अरुणाचल प्रदेश डा. अविनाश कुमार मिश्र ने व्यक्त किए। वह सोमवार को विवि में सभा को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि जीवन वही है जो दूसरे के कल्याण के लिए जिया जाए। परोपकार से बड़ा कोई दूसरा कार्य नहीं। विकलांगों में योग्यता क्षमता की कमी नहीं होती, उन्हें सही दिशा की जरूरत होती है। विकलांगता सफलता में बाधक नहीं बल्कि साधक बन सकती है।
उन्होंने जगद्गुरु की सराहना की। कुलपति प्रो. बी पांडे ने कहा कि विश्वविद्यालय के सहयोग के लिए बड़े उद्योग घरानों को आगे आना चाहिए। कुलसचिव आर्या प्रसाद त्रिपाठी ने सलाह दी कि विकलांगों को शिक्षित करने के लिए समाज के जागरूक उनको प्रेरणा दें। महोबा के कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी विश्वविद्यालय में सभी के सहयोग की आकांक्षा की। संचालन जनसंपर्क अधिकारी उमाशंकर पांडे ने किया। इस अवसर पर प्रो. योगेश चंद्र दुबे, डा. अवनीश चंद्र मिश्रा, न्यायबंधु गोयल, डा. महेंद्र कुमार उपाध्याय, मनोज पांडे, आलोक पांडे आदि मौजूद रहे।
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युवावस्था बनने व बिगड़ने की उम्र - जगतगुरु रामभद्राचार्य

चित्रकूट। विवेकानंद सार्द्ध शती समारोह आयोजन समिति ने सोमवार को चित्रकूट इंटर कालेज में सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने युवाओं का आह्वान किया कि 15 से 40 साल की आयु विकास पचीसी होती है, इसमें चाहे विकास कर लो या फिर विनाश। हमें विवेकानंद की तरह युवावस्था का सदुपयोग करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों और छात्रों से कहा कि स्वामी विवेकानंद को रामकृष्ण परमहंस की छाया व कृपा मिली थी। अपने ज्ञान से उन्होंने पूरे विश्व को भारत माता के चरणों में झुका दिया था। युवाओं में बढ़ती पाश्चात्य अपसंस्कृति पर संकेत करते हुए कहा कि यदि दृष्टि शुद्ध होगी तो संपूर्ण सृष्टि शुद्ध हो जाएगी। युवक-युवतियां एक दूसरे पर आंख न चलाएं। एक दूसरे से भाई बहन जैसा पवित्र रिश्ता बनाएं। युवावस्था कहती है, बुराइयों से संघर्ष करो, सद्गुणों का संचय करो। उन्होंने आजकल के युवाओं के गिरते नैतिक चरित्र पर गहरी चिंता व्यक्त की। सीआईसी प्रधानाचार्य डा. रणबीर सिंह चौहान ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। साथ ही आशा व्यक्त की कि यह कार्यक्रम स्कूल के बच्चों के लिए प्रेरणादायक साबित होगा। इस मौके पर बच्चों को सूर्य नमस्कार कराया गया। कार्यक्रम में विवि कुलपति प्रो. बी पांडे, रमेश, चंद्रप्रकाश खरे, लवकुश चतुर्वेदी, भालेंदु सिंह, फूलचंद्र चंद्रवंशी, नंदकिशोर तिवारी, शंकर यादव आदि मौजूद रहे। इसी प्रकार बैजनाथ भारद्वाज सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में भी सोमवार को सूर्य नमास्कार महायज्ञ का आयोजन किया गया। ठीक दस बजे छात्रों ने शिक्षकों के दिशा निर्देशन में एक साथ सूर्य नमस्कार किया। इसमें प्रबंध समिति के पदाधिकारी और अभिभावक भी थे।
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