चित्रकूट। जिलाधिकारी डा. बलकार सिंह ने विभिन्न मदों से संबंधित सामग्री की खरीद में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर इसमें लापरवाही बरती गई तो वह संबंधित विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। जिलाधिकारी स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत डीआरडीए की स्थापना मद से दुग्ध डेयरी, पशुपालन, बायफ के मदों में आवंटित धनराशि की उपयोगिता संबंधी बैठक में बोल रहे थे।
जिलाधिकारी ने मुुख्य विकास अधिकारी एमपी सिंह, परियोजना निदेशक डा. आरयू द्विवेदी, वरिष्ठ कोषाधिकारी संपूर्णानंद द्विवेदी को शामिल करते हुए एक कमेटी का गठन किया जो संबंधित विभागों द्वारा क्रय किए जाने वाले सामान, उसकी स्थापना आदि सभी पहलुओं को देखेगी। जिलाधिकारी ने दुग्ध डेयरी के संयंत्र, क्रीम सेपरेटर में डेढ़ लाख, मिल्क पाउच मशीन में सवा दो लाख, प्लास्टिक केट में 0.80 लाख, मिल्क पाश्चुराइजर डीजल ब्वायलर आदि में 20 लाख मिलाकर कुल 24.55 लाख की कार्ययोजना का अनुमोदन भी किया। इसके अलावा जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग द्वारा गांवों में अड़गड़ों के लिए 330 ग्राम पंचायतों में कुल 24.99 लाख की कार्ययोजना को स्वीकृति दी। बाएफ के सात केंद्रों की स्थापना के लिए 169176 रुपए की मांग की गई, जिससे केंद्रों में वेतन, स्टेशनरी, नस्ल सुधार आदि विभिन्न मदों में खर्च किया जाएगा। बुंदेलखंड विकास निधि से अभी 12 बाएफ केंद्र संचालित हो रहे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि इनके डिमांड प्रोग्राम डायरेक्टर, कृषि निदेशक और शासन को पत्र लिखा जो और उन्हें संपूर्ण कार्ययोजना से अवगत कराया जाए। जिलाधिकारी ने सामान्य प्रबंधक दुग्ध संघ कर्वी श्रीपाल को निर्देश दिए कि वह दुग्ध क्रय केंद्रों में उनके निर्देशानुसार कार्य कराएं और स्थापना के उपरांत सूची भी उपलब्ध कराएं। इस मौके पर पशु चिकित्साधिकारी डा. एनके गहलोत, जिला कार्यक्रम अधिकारी बायफ आरपी त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।