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राजकीय संप्रेक्षण गृह से भागे चार बाल अपचारी

Chitrakoot Updated Sun, 14 Dec 2014 05:30 AM IST
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चित्रकूट। कमरे का दरवाजा तोड़कर राजकीय संप्रेक्षण गृह से चार बाल अपचारी फरार हो गए। चारों गंभीर आरोपों में निरुद्ध थे। इनमें से दो बलखड़िया गिरोह के हार्डकोर सदस्य बताए गए हैं, दो दुराचार के आरोप में निरुद्ध थे। इनके भागने की खबर फैलते ही हड़कंप मच गया। पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों ने संप्रेक्षण गृह पहुंचकर तहकीकात की। डीएम नीलम अहलावत ने मौका मुआयना किया। उन्होंने बताया कि मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। इसकी जांच एसडीएम करेंगे। इस मामले में केयरटेकर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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माधवगंज शंकर बाजार की एक गली में किराये के मकान में राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह चल रहा है। कोतवाली प्रभारी आरके मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार की रात लगभग बारह बजे यहां निरुद्ध चार बाल अपचारी ऊपरी मंजिल के दरवाजे का पटरा निकालकर भाग निकले। भागने वाले दो चित्रकूट के और दो महोबा के हैं। सूचना मिलने पर डीएम नीलम अहलावत, प्रभारी पुलिस अधीक्षक आरडी चौरसिया, एसडीएम नरेंद्र सिंह ने मौका मुआयना किया। डीएम ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया। कहा कि प्रथमदृष्टया केयर टेकर रामकैलाश, आगणन कर्ता (गिनती मुंशी) ओमप्रकाश साहू, सिपाही चंद्रपाल को दोषी मानते हुए इनको जेल भेज दिया गया है। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी एसडीएम को दी गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस की पांच टीमें बनाई गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
तमंचे से चोट की और निकल भागे
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि पूछताछ में पता चला रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे एक बाल अपचारी ने केयरटेकर रामकैलाश यादव से चैनल की चाबी मांगी। जब उसने इनकार किया तो तीनों भी आ गए। इन्होंने बहस की और फिर एक ने तमंचे से रामकैलाश के सिर पर वार किया, जिससे वह बेसुध हो गया। जब तक गार्ड पहुंचते, तीनों भाग निकले।
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संप्रेक्षण गृह में कैसे आया तमंचा
संप्रेक्षण गृह में तमंचे से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। डीएम नीलम अहलावत ने गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह अक्षम्य गलती है। पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान है। साफ है कि लापरवाही हुई। आसपास के लोगों ने बताया कि दिन हो रात, हर समय यहां मिलाई करने वालों का मेला सा लगता था। कोई भी किसी भी तरह का पैकेट अंदर दे देता था। सुरक्षाकर्मी जांच तक नहीं करते थे।
कुछ कहानी दूसरी भी
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि रात में लड़ाई झगड़े की आवाज आ रही थी। इसके बाद चार बाल अपचारियों को ऊपरी मंजिल पर बाहर के कमरे में शिफ्ट कर दिया गया। जहां वे गालियां बक रहे थे। बाल अपचारी रात में दरवाजा तोड़कर बाहर निकले, सड़क पर कूदे और फिर भाग निकले, किसी को पता तक नहीं चला।
खंगाला जा रहा मिलाई रजिस्टर
गंभीर आरोपों में निरुद्ध चार बाल अपचारी भाग जाने से पुलिस और प्रशासन में हड़कंप है। कोतवाली प्रभारी ने कहा कि यह गंभीर मसला है। इसमें पहरे (चौकीदार) की लापरवाही, केयरटेकर की जिम्मेदारी के प्रति शिथिलता सामने आई है। मिलाई रजिस्टर भी खंगाला जा रहा है कि क्या पहले से कोई यहां लगातार आया और योजना के तहत यहां से बाल अपचारियों को भगाने की साजिश रची गई।
मोहल्लेवालों का जीना हराम
मोहल्ले के अखिलेश, अनुज, अरविंद, पुष्पेंद्र, अंबरीश, हरिओम, रामकैलाश ने बताया कि उनके घरों की महिलाओं का छतों पर आना जाना बाल अपचारियों ने दूभर कर दिया था। कई बार तो बाल अपचारी छत पर आ जाते थे। यहां से कोई महिला गुजरती तो उस पर सिक्के फेंकते थे और अश्लील इशारे करते थे। कई बार इसकी शिकायत यहां के जिम्मेदारों से की गई पर अनसुनी कर दी जाती थी। एक बार तो पुलिसकर्मी को भी पीट दिया था पर मामला दबा दिया गया। इस संबंध में डीएम से बात की गई तो उनका कहना था कि फिलहाल इसे किसी दूसरे भवन में ट्रांसफर करना संभव नहीं है। यदि कोई अन्य किराये का भवन मिला तो इन लोगों को वहां ट्रांसफर करा जाएगा। बताया कि बाल संप्रेक्षण गृह की अपनी बिल्डिंग बन रही है। मोहल्ले वालों को आश्वस्त किया कि आइंदा कोई दिक्कत नहीं होगी।
तीन कमरे में 33 बाल अपचारी
चार कक्षीय संप्रेक्षण गृह शंकर बाजार माधवगंज में किराये के मकान में चल रहा है। तीन कमरों में 33 बाल अपचारी रहते थे, जबकि एक में अधिकारी-कर्मचारी बैठते हैं। यहीं पर किशोर न्यायालय भी लगता है।
बाल अपचारियों में ज्यादातर महोबा और हमीरपुर के गंभीर आरोपों में निरुद्ध किशोर हैं। इसके अलावा बांदा, चित्रकूट और फर्रुखाबाद के बाल अपचारी हैं।
एक बलखड़िया का भतीजा, दूसरा रिश्तेदार
बाल संप्रेक्षण गृह से फरार चार बाल अपचारियों में एक बलखड़िया का भतीजा है, दूसरा उसका रिश्तेदार है। दोनों बलखड़िया गिरोह के हार्डकोर सदस्य बताए गए हैं। बलखड़िया के भतीजे को पुलिस ने 14 मई को गिरोह से मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था, जबकि उसके रिश्तेदार को 18 मई को भरतकूप के पास जुग्गी पटेल की स्कार्पियो पलटने के बाद पकड़ा था। इसके पास से थ्रीनाटथ्री रायफल बरामद हुई थी। शेष दोनों बाल अपचारी महोबा के हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों दुराचार के मामले में पकड़े गए थे। नाबालिग होने की वजह से संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध किए गए थे।
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