लार। व्यवसायी जयप्रकाश जायसवाल को पहले ही पीछा किए जाने का आभास हो गया था। अंतिम वसूली के बाद तेनुआ मोड़ के पास दुकानदार से 20 मिनट बाद घरवाले नंबर पर फोन कर कुशलता की खबर लेने को कहा था। जयप्रकाश का मोबाइल नहीं मिला तो दुकानदार घरवाले नंबर पर फोनकर पहुंचने की बात पूछी। जयप्रकाश का मोबाइल रिसीव नहीं हुआ और विशाल का भी मोबाइल स्विच ऑफ था। अनहोनी की आशंका पर व्यवसायी का बेटा पिता की खोजने के लिए रवाना हो गया। पिता तो नहीं पर उनका शव सड़क के किनारे मिला।
नगर के भरटोलिया वार्ड के निवासी जयप्रकाश जायसवाल अपने परिश्रम की बदौलत कम दिनों में व्यवसाय को काफी आगे बढ़ाया था। दोनों प्रांतों में इनके सामानों की अच्छी खपत थी। प्रत्येक सप्ताह शनिवार को यूपी और बिहार मेें बाइक से वसूली करने निकले थे। बाइक चालक विशाल की माने तो पिंडी चौराहा से ही बाइक सवार दो बदमाश कई बार ओवरटेक किए। अंतिम वसूली बिहार के तेनुआ मोड़ के दुकानदार पप्पू जायसवाल के यहां से किया और रुपयों से भरा बैग बाइक की डिग्की में रखा।
बाइक पर बैठने से पूर्व जयप्रकाश ने पप्पू जायसवाल से कहा कि कुछ गड़बड़ लग रहा है। 20 मिनट बाद घरवाले नंबर पर फोनकर घर पहुंचने की जानकारी कर लेना। मृतक व्यवसायी के कहने पर दुकानदार पप्पू घरवाले नंबर पर फोन किया और सारी बातें उसके बेटे को बताई। पिता की तलाश में जब बेटा बिहार में प्रवेश किया तो बाइक से कुछ दूरी पर पिता की लाश मिली।
हत्या और लूट की खबर सुनकर रात में ही लोग गुठनी थाने में उमड़ पड़े। घटना पर गौर करें तो व्यवसायी की हत्या को अंजाम सुनियोजित तरीके से दिया गया है। बिहार और यूपी की पुलिस मामले की खुलासे में जुटी है।