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विकास भवन में स्टैंड वसूली पर बवाल

Deoria Updated Thu, 20 Nov 2014 05:30 AM IST
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देवरिया। विकास भवन में स्टैंड शुल्क वसूली को लेकर बवाल हो गया। भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों और भीड़ ने स्टैंड वालों को दौड़ाकर पीटा। भाकियू नेताओं ने स्टैंड वसूली खत्म करने की मांग को लेकर विकास भवन के गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाकियू नेताओं के तेवर देखकर सीडीओ को भी गेट से ही लौटना पड़ा।एसडीएम और डीडीओ के आश्वासन पर तीन घंटे बाद धरना-प्रदर्शन खत्म हुआ।
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विकास भवन के गांधी सभागार में बुधवार की दोपहर 12 बजे से जनपदस्तरीय किसान गोष्ठी थी। सदर ब्लॉक प्रमुख सुनैना शाही के पति संजय शाही इसमें शामिल होने पहुंचे। परिसर में घुसने के दौरान वाहन स्टैंड संचालकों से उनकी नोकझोंक हो गई। इसी समय पहुंचे भारतीय किसान यूनियन ने वसूली का विरोध कर हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि बवाल बढ़ने पर कुछ भाकियू सदस्यों ने स्टैंड केतीन कर्मचारियों को दौड़ाकर पीटा और मेज, कुर्सियां फेंक दीं। मारपीट के चलते विकास भवन परिसर में काफी देर तक अफरातफरी बनी रही। भाकियू नेताओं ने स्टैंड वसूली खत्म करने की मांग को लेकर सीडीओ के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और 12:30 बजे विकास भवन गेट पर धरने पर बैठ गए। एक बजे विकास भवन गेट पर पहुंचे सीडीओ हालात देखकर वहां से लौट गए। साढ़े तीन बजे एसडीएम सदर अजय कुमार श्रीवास्तव, सीओ सुशील कुमार सिंह, कोतवाल श्रीधराचार्य पांडेय पहुंचे और इन लोगों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। एसडीएम ने डीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा को बुलाकर किसान नेताआें से बात की। नेताओं ने वसूली खत्म करने और शौचालयों का ताला खोलने की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन पर लोग माने। भाकियू नेताओं ने पीछे का गेट खुलवाया। साथ ही प्रशासन से गेट को आम लोगों के लिए चालू रखने की मांग की। इस दौरान भाकियू के मंडल प्रवक्ता राघवेंद्र प्रताप शाही, जिलाध्यक्ष विनोद गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष कुंवर राणा प्रताप सिंह, संजय शाही, सदानंद यादव, शहीद ख्वाजा मंसूरी, मदन चौहान, मोहन गुप्ता, मोहन पाठक, अलकेंद्र राव, धर्मेंद्र राव, मुन्ना ठाकुर आदि मौजूद रहे।
गोष्ठी में नहीं पहुंचे किसान, इंतजार करते रहे अफसर
भाकियू नेताओं के बहिष्कार के बाद नहीं पहुंचा एक भी किसान
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। भाकियू नेताओं के बहिष्कार के बाद जिला स्तरीय किसान गोष्ठी में एक भी किसान नहीं पहुंचे। मजबूरन अधिकारियों ने दो घंटे तक इंतजार करने के बाद अपने कार्यालय में चले गए। जिसके चलते किसानों की समस्याओं पर चर्चा नहीं हो सकी।
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जिला मुख्यालय पर हर महीने जिला स्तरीय किसान दिवस का आयोजन होता है। विकास भवन के गांधी सभागार में बुधवार को 12 बजे से सीडीओ डॉ. आलोक शेखर तिवारी की अध्यक्षता में किसान गोष्ठी होनी थी। जिसमें कृषि विभाग और बिजली विभाग के अधिकारी पहुंचे थे। स्टैंड शुल्क वसूली को लेकर हुए बवाल के बाद भाकियू नेताओं ने गोष्ठी का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद अधिकारियों को छोड़कर एक भी किसान शामिल नहीं हुए। वहीं सीडीओ कैप्टन आलोक शेखर तिवारी भी गोष्ठी में नहीं पहुंच सके। अधिकारी घड़ी की सुइयों पर अपनी नजर गड़ाए हुए थे। जैसे ही घड़ी में दो बजे, अधिकारियों के निर्देश पर कर्मचारियाें ने बैनर उतारकर समेटने लगे। कुछ देर बाद अधिकारी अपने कार्यालय की तरफ बढ़ गए। बैठक में उप निदेशक कृषि डॉ. अशोक तिवारी, जिला कृषि अधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह, जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पीके सिंह आदि के अलावा कृषि बीमा कंपनी के प्रतिनिधि पहुंचे थे। इस बाबत उप निदेशक कृषि डॉ. अशोक तिवारी ने बताया कि गोष्ठी में एक भी किसान नहीं आए। किसानों का दो घंटे तक इंतजार किया। यह स्थिति निराशाजनक है।
पवन
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