मिरहची। स्वास्थ्य केंद्रों पर अव्यवस्थाओं का आलम है। यहां तैनात लोग भी विभागीय आदेशों को धता रहे हैं। उपचार तो दूर वे पीड़ितों से सहानुभूति भी नहीं दिखा रहे। इसका नजारा शनिवार को उस समय देखने को मिला जब प्रसव पीड़ा से कराह रही प्रसूता ने अस्पताल के गेट पर ही बैलगाड़ी पर ही बच्चे को जन्म दे दिया और चिकित्सक ने उसे देखना भी जरूरी नहीं समझा।
शनिवार दोपहर सवा दो बजे गोबरा निवासी रामसेवक प्रसव पीड़ा से परेशान पत्नी ममता को बैलगाड़ी से लेकर केंद्र पर पहुंचे। सड़क के गड्ढों ने प्रसव पीड़ा को इस कदर बढ़ा दिया। कि स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य द्वार पर ही उसने एक बेटे को जन्म दे दिया। परिजनों ने प्रभारी चिकित्सक से उपचार की गुहार लगाई लेकिन उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि इस समय कोई स्टाफ नर्स मौजूद नहीं है। लोगों का आरोप है कि अव्यवस्थाओं के लिए बदनाम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार कराने वालों को दवा बाजार से ही लानी पड़ती है।