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क्लिक करते ही सामने होगा कच्चा चिट्ठा

Etah Updated Mon, 22 Jul 2013 05:32 AM IST
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एटा। भारत सरकार की (आरएपीडीआरपी) योजनांतर्गत जनपद के हजारों विद्युत उपभोक्ता ऑनलाइन होंगे। दूर बैठे विभागीय अधिकारी एक क्लिक के साथ ही जनपदीय उपभोक्ताओं का ब्योरा जान सकेंगे। इतना ही नहीं उनकी नजर में हर ट्रांसफार्मर, खंभे का भी ब्योरा होगा।
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जनपदीय विद्युत उपभोक्ता अब सीधे विभाग की नजर में होंगे। उनकी पहचान, नाम नंबर के साथ ही ट्रांसफार्मर एवं खंभे से होगी। इतना ही नहीं इनके विद्युत उपभोग का ब्योरा भी ऑनलाइन होगा। वहीं वसूली की अद्यतन स्थिति भी नेट पर दर्ज होगी। एक तीर से कई निशाने साध रहा विद्युत विभाग आरएपीडीआरपी योजना में जनपदीय उपभोक्ताओं को चिह्नित कर रहा है। पहले चरण में जिला मुख्यालय के 25 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को इंटरनेट पर दर्ज करने की तैयारी है। भारत सरकार ने संबंधित साफ्टवेयर एवं उपभोक्ताओं के सर्वे की जिम्मेदारी एचसीएल कंपनी को सौंपी है। कंपनी के लोग इन दिनों घर-घर पहुंचकर उपभोक्ता का विवरण, मीटर, खंभा, ट्रांसफार्मर आदि को चिह्नित कर रहे हैं। इसी क्रम में हर खंभे एवं डबल पोल को एक विशेष नंबर दिया जा रहा है।

लाइन लॉस पर रहेगी नजर
एटा (ब्यूरो)। ऑनलाइन होने के बाद जहां विभाग की नजर हर उपभोक्ता के उपभोग पर रहेगी। वहीं अधिकतम लाइन लॉस वाले ट्रांसफार्मर भी चिह्नित हो जाएंगे। इतना ही नहीं उपभोक्ताओं का लोड एवं उपभोग का अनुपात भी घपले को उजागर करेगा। साथ ही उनका राजस्व भुगतान करंट स्टेटस भी विभाग की नजर में रहेगा।
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17 ट्रांसफार्मर मीटर तोड़ डाले
एटा (ब्यूरो)। इस योजना के अंतर्गत शहर के सभी ट्रांसफार्मर पर डीएलएमएस मीटर लगाने की तैयारी है, ताकि यहां से इनपुट, आउटपुट का ब्योरा मिलता रहे। संबंधित कंपनी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर प्रेम राठौर ने बताया कि शहर के 345 ट्रांसफार्मर में से 320 पर मीटर लगाए जा चुके हैं। वह बताते हैं कि कुछ अराजकतत्व एवं विद्युत चोर इन मीटर्स को तोड़ रहे हैं। रेलवे रोड उपकेंद्र क्षेत्र के 74 मीटर्स में से 17 को तोड़ दिया गया है।

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शिकायतें भी ऑनलाइन
एटा (ब्यूरो)। नई व्यवस्था में उपभोक्ताओं की शिकायतें एवं विभागीय अव्यवस्थाएं भी ऑनलाइन हो जाएंगी। बिजली आपूर्ति के समय में वे हेराफेरी नहीं कर सकेंगे। साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतें विभागीय उच्च अधिकारी जान सकेंगे।

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पहले चरण में यह हैं उपभोक्ता
घरेलू 21,476
व्यावसायिक 3,364
सरकारी 109
निजी ट्यूबवैल 124
लघु उद्योग 318



भारत सरकार की आरएपीडीआरपी योजना का पहला प्रयोग शहरी उपभोक्ताओं पर किया जा रहा है। सर्वे टीमें हर उपभोक्ता के विवरण के साथ ही विभागीय उपकरणों ट्रांसफार्मर, खंभे एवं कंडक्टर तक का ब्यौरा दर्ज कर रही हैं। इस व्यवस्था के बाद सब कुछ ऑनलाइन हो जाएगा।
---एससी गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग, एटा
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