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दशकों की सेवाओं से हुए निवृत्त

Etah Updated Tue, 01 Jul 2014 05:30 AM IST
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एटा। सैकड़ों सरकारी, अर्द्ध सरकारी शिक्षक-कर्मचारियों के लिए 30 जून अंतिम कार्य दिवस बन गया। उनकी दशकों की सेवाओं को निवृत्ति मिल गई। ऐसे में जहां साथियों ने इन्हें भावभीनी विदाई दी।
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सोमवार का दिन जिले के ढाई सौ से अधिक वेतनभोगी अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारियों के लिए खास बन गया। विभागीय कार्यों में व्यस्त रहने वाले यह लोग अब सेवा संबंधी सरकारी निर्देशों से मुक्त हो गए हैं। लंबी सेवाओं के बाद सम्मानजनक सेवानिवृत्ति को अधिकांश लोगों ने सेलीब्रेट किया।
34 सालों में सौ गुने से ज्यादा हुआ वेतन
सेवाकाल में अन्य उपलब्धियों के साथ ही वेतन भुगतान में अप्रत्याशित वृद्धि हुई। सर्विस बुक के आंकड़ों के अनुसार सर्वोदय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य राघव आमौरिया को 1980 में पहला वेतन 680 रुपये मिला था। जबकि 34 वर्ष के सेवाकाल के बाद यह 108 गुना तक पहुंच गया। सेवानिवृत्त हुए प्रवक्ता शांतिस्वरूप बघेल भी 100 गुने का आंकड़ा पार करने वाले शिक्षकों में शामिल हैं।
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सर्वाधिक सेवानिवृत्ति शिक्षा विभाग में हुई है। प्राथमिक शिक्षा में 124 शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षा में नौ प्रधानाचार्य, 35 शिक्षक और 38 लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग में भी कई चिकित्सक-कर्मचारी, विकास खंडों और अन्य विभागों में भी दर्जनों लिपिक व कर्मचारी सोमवार को रिटायर्ड हुए हैं।
और बढ़ी शिक्षकों की किल्लत
एटा। पहले से ही शिक्षक कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे शिक्षा विभाग में नया सत्र और भी किल्लत भरा होगा। प्राथमिक शिक्षा में भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से जहां विभाग को आस बंधी है वहीं माध्यमिक शिक्षा में समस्या और गहरा रही है। जिले के कई स्कूलों में महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक ही नहीं हैं। बताते चलें कि प्राथमिक शिक्षा में जहां 124 वहीं माध्यमिक शिक्षा में 82 प्रधानाचार्य, प्रवक्ता, सहायक अध्यापक, शिक्षणेतर कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं।
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