एटा। आम बजट पेश होने को है। जिले के लोग इससे ‘अच्छे दिनों’ की उम्मीद लगाए हैं। आम आदमी खाद्य पदार्थों एवं रोजमर्रा की वस्तुओं को महंगाई से मुक्त चाहता है। वहीं गृहणियां रसोई गैस, आलू-प्याज एवं अन्य खाद्य पदार्थों की दरों में रियायत चाहती हैं। नौकरीपेशा लोग आयकर की सीमा में वृद्धि की आस लगाए हैं।
रेल बजट से मायूस रहे जनपदवासी आम बजट से ‘फील गुड’ की आस लगाए हैं। समाज का हर वर्ग मोदी सरकार से रियायतों का तोहफा चाहता है। कारोबारी करों में कटौती, गृहणियां पेट्रो पदार्थों की तेजी रोकने एवं नौकरीपेशा एवं वरिष्ठ नागरिक आयकर सीमाओं में वृद्धि चाहते हैं। ऐसे में इन लोगों की निगाहें अब 10 जुलाई को प्रस्तावित बजट पर टिकी हैं।
रसोई गैस, डीजल-पेट्रोल की कीमतों पर पूरा नियंत्रण चाहती हैं, ताकि रसोई बजट न गड़बड़ाए। पेट्रो महंगाई के कुप्रभाव अन्य उपभोग की वस्तुओं पर न पड़ें।
-निधि आमौरिया, गृहणी, शृंगार नगर, एटा
महंगाई से जूझ रहे वेतनभोगी आयकर सीमा पांच लाख रुपये की करनी चाहिए, ताकि कर के बोझ से राहत मिल सके। 80-सी की सीमा भी बढ़ाई जाए। जिससे लोग भविष्य के लिए बचत कर सकें।
-संतोष यादव, प्रधानाध्यापिका, उच्च प्राथमिक विद्यालय बनवारी नगला, एटा
वरिष्ठ नागरिकों की आयकर सीमा में भी वृद्धि की जाए, ताकि वे लोग महंगाई के दौर में सम्मानजनक तरीके से जीवन यापन कर सकें।
-जितेंद्र पाल पांडेय, सेवानिवृत्त उप प्रधानाचार्य, अमांपुर
मोदी सरकार का पहला बजट लोक लुभावना भले ही न हो, लेकिन दूरगामी होने की संभावना है। लंबी योजनाओं को ध्यान में रखकर आने वाले इस बजट में आधारभूत ढ़ंाचा एवं बुनियादी आवश्यकताओं पर विशेष गौर रहेगा। इनमें यातायात, ऊर्जा, रक्षा जैसे महत्वूपूर्ण विषयों पर केंद्रित होगा।
-प्रतीक आमौरिया, सीए, अध्यक्ष जिला टैक्स बार, एटा