टॉप बोरर की चपेट में गन्ने की फसल
हापुड़। जिले में गन्ने की फसल टॉप बोरर की चपेट में है जिससे किसानों की नींद उड़ गई है। इससे तेजी से गन्ने के पौधे सूख रहे हैं। इसका असर हापुड़ और गढ़मुक्तेश्वर ब्लॉक में सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। जल्द नियंत्रण नहीं किया तो गन्ना उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। इसे लेकर कृषि विभाग के अफसर गंभीर नहीं है।
जिले में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है। बीते पेराई सत्र में गन्ने की बंपर पैदावार के बाद तौल न होने के कारण मई महीने के अंत तक किसानों को अपना गन्ना मिलों पर डालना पड़ा है। इन दिनों किसान गन्ने की फसल की नलाई, खुदाई में लगे हुए हैं, लेकिन बुहेर और पैडी गन्ना में टॉप बोरर कीट ने हमला बोल दिया है। आलम यह है कि तेजी से यह कीट गन्ने के पौधे को सूखा रहा है।
इसे लेकर किसान तो चिंतित हैं, लेकिन कृषि विभाग के अफसर लोगों को जागरूक करने के बजाय दफ्तरों में बैठे हैं। किसान बाजार से महंगे दामों पर गलत दवाएं खरीदकर इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे कीट का प्रकोप खत्म होने के बजाय बढ़ रहा है।
कृषि रक्षा विभाग के एडीओ धर्मेंद्र जाखड़ ने बताया कि कुछ स्थानों पर इस कीट का प्रकोप देखने को मिल रहा है। किसान टॉप बोरर से फसल बचाने के लिए साइफर मैथरीन की 250एमएल मात्रा 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर फसल पर स्प्रे कर सकते हैं। कार्टेस दवा का प्रयोग भी किया जा सकता है।