कोतवाली क्षेत्र के गांव खैरपुर खैराबाद स्थित निर्माणाधीन कपड़ा फैक्ट्री के गिरे लेंटर के मलबे में दबा मजदूर दानिश 15 मिनट तक मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन मलबा इतना ज्यादा था कि लोग काफी कोशिश के बाद भी उसकी सहायता नहीं कर सके। जब तक दानिश बाहर निकला तो वह दम तोड़ चुका था।
बृहस्पतिवार शाम कपड़ा फैक्ट्री के गिरे लेंटर के मलबे में 11 मजदूर मलबे में दबकर घायल हुए। उनमें 20 वर्षीय दानिश भी था। मलबे में दबा मजदूर दानिश 15 मिनट तक मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन मलबा इतना ज्यादा था कि लोग काफी कोशिश के बाद भी उसकी सहायता नहीं कर सके।
जब तक दानिश बाहर निकला तो वह दम तोड़ चुका था। वहीं सूचना के बाद भी एंबुलेंस घटनास्थल पर 45 मिनट की देरी से पहुंची। हालांकि तब तक सभी मजदूर अस्पताल पहुंचाए जा चुके थे। पिलखुवा के मोहल्ला छीपीबाड़ा निवासी अखिल उर्फ बब्लू पुत्र दीनदयाल गांव खैरपुर खैराबाद में कपड़े की फैक्ट्री का निर्माण करा रहे हैं।
दो माह से फैक्ट्री बन रही है। बृहस्पतिवार शाम को तैयार हुआ लेंटर अचानक भरभराकर गिर गया। जिसमें 11 मजदूर घायल हो गए। मलबे में दबे दानिश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
लेंटर गिरने के बाद फैक्ट्री के बाहर मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। सभी ग्राहक मलबे को हटाने और घायलों को अस्पताल में पहुंचाने में लगे रहे थे। पिलखुवा कोतवाल अजय अग्रवाल का कहना है कि लेंटर गिरने की सूचना को गंभीरता से लेते हुए वह पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे थे।
फायरकर्मियों को भी मौके पर बुला लिया गया था। ग्रामीणों की मदद से तुरंत मलबे से मजदूरों को बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
सभी घायलों को उपचार के लिए नजदीक के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। एक मजदूर दानिश की मौत हो गई है। जबकि अन्य घायल मजदूरों की हालत खतरे से बाहर है। - अतुल यादव, सीओ, पिलखुवा
45 मिनट बाद एंबुलेंस, तड़फते रहे मजदूर
गांव खैरखुर खैराबाद में निर्माणाधीन फैक्ट्री का लेंटर गिरने के बाद घायलों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एंबुलेंस को ग्रामीणों ने तुरंत सूचना दी थी, लेकिन एंबुलेंस 45 मिनट बाद पहुंची। ऐसे में घायल मजदूर मदद के लिए चिल्लाते रहे। हालांकि एंबुलेंस के पहुंचे से पहले ही घायलों को पुलिस ने लोगों की सहयोग से अस्पतालों में भर्ती करा दिया था।
गांव खैरपुर खैराबाद में बृहस्पतिवार शाम साढ़े चार बजे निर्माणाधीन कपड़ा फैक्ट्री का लेंटर गिरा। आसपास के लोगों के मौके पर पहुंचने के बाद थोड़ी देर बाद ही एंबुलेंस को बुलाने के लिए सूचित किया था। जब बार-बार फोन करने के बाद भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची तो आसपास के लोगों ने अपने निजी वाहनों और पुलिस जीप ने घायलों को नजदीक के निजी अस्पताल में भेजना शुरू कर दिया।
ऐसे में घायल मजदूर मदद के लिए चिल्लाते रहे। हालांकि साढ़े पांच बजे एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंची थी, लेकिन जब तक सभी घायल कर्मी नजदीक के निजी अस्पताल में भर्ती हो चुके थे। कोई घायल नहीं मिलने पर एंबुलेंस को मासूय होकर वापस लौटना पड़ा। ग्रामीण प्रमोद, हरीश और दीपक बताया कि लेंटर गिरने की सूचना जैसे ही उन्हें मिली, वह तुरंत मौके पर पहुंचे।
घायलों मजदूरों को देखकर उन्होंने तुरंत एंबुलेंस को बुलाने के लिए फोन किया, जब बार बार फोन करने पर एंबुलेंस नहीं आई थी। एंबुलेंस को मौके पर पहुंचना चाहिए था। एसीएमओ डा. वेदप्रकाश का कहना है कि सूचना मिलने के 45 मिनट बाद एंबुलेंस के मौके पर पहुंचने का मामला बेहद गंभीर है। वह इस मामले की खुद जांच करेंगे। फिलहाल एंबुलेंस कंपनी के ठेकेदार को नोटिस जारी किया जा रहा है।
विधायक ने जाना घायलों को हाल
विधायक असलम चौधरी हादसे की सूचना मिलने के बाद सरस्वती मेडिकल कालेज पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के बारे में पूछताछ की। बाद में विधायक घटनास्थल पर गए और सीओ अतुल यादव से मिलकर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात रखी।
कब-क्या हुआ
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04.30 बजे : निर्माणाधीन फैक्ट्री का लेंटर गिरा ।
04.40 बजे : पुलिस और एंबुलेंस को सूचित किया गया।
04.50 बजे : गांव से ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर पहुंची।
05.00 बजे : एसओ अजय अग्रवाल और सीओ अतुल यादव मौके पर पहुंचे।
05.18 बजे : मजदूरों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया
5.30 बजे : एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंची।
5.31 बजे : एसपी हेमंत कुटियाल,सीएमओ डॉ एके सिंह पहुंचे।
6.00 बजे : मबले में दबे मजदूर दानिश का शव मिला।
अग्निशमन विभाग से नहीं फैक्ट्री को एनओसी
गांव खैरपुर खैराबाद में निर्माणाधीन कपड़ा फैक्ट्री के संबंध में मालिक ने अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं ली है। हालांकि फैक्ट्री अवैध है या नहीं, यह एसडीएम ने जांच के बाद बताने को कहा है।
अग्निशमन अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने पूरा रिकॉर्ड चेक कर लिया है। फैक्ट्री के संबंध में अग्निशमन विभाग से मालिक ने कोई एनओसी नहीं ली है। जबकि विभाग से एनओसी लेनी जरूरी है।
उधर, एसडीएम पुष्पराज सिंह ने बताया कि वह खुद मौके पर गए थे। कागजात मालिक से मांगे जा रहे हैं। जांच के बाद पता चलेगा कि फैक्ट्री अवैध है या नहीं। सभी घायलों को उपचार के लिए नजदीक के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। घायलों की हर संभव मदद की जाएगी।