माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और शिक्षकों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। परीक्षा ड्यूटी में अनुपस्थित रहने वाले स्टेटिक मजिस्ट्रेट के वेतन रोकने और कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी न करने वाले शिक्षकों के विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए है। इससे विभाग में खलबली मच गई।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा नकल विहीन करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से छह जोनल , 27 सेक्टर और 152 स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की है। इसके अलावा 5477 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई थी।
इनमें 2280 परिषदीय शिक्षक और 3197 माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक थे। इनमें से वित्तविहीन विद्यालयों के 2041 कक्ष निरीक्षक शामिल थे। गुरुवार को परीक्षा के प्रथम दिन 31 सेक्टर मजिस्ट्रेट अनुपस्थित रहे।
वहीं वित्त विहीन विद्यालयों के 2041 कक्ष निरीक्षकों में 20 फीसदी ने ही कार्यभार ग्रहण किया। इस पर जिलाधिकारी पुलकित खरे ने सख्त रुख अख्तियार किया है और सभी अनुपस्थित सेक्टर मजिस्ट्रेट और कक्ष निरीक्षकों की सूची तलब की है।
डीआईओएस वीके दुबे ने बताया कि 31 सेक्टर मजिस्ट्रेट के वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा वित्त विहीन विद्यालयों के जिन शिक्षकों ने कक्ष निरीक्षक के रुप में परीक्षा केंद्र पर उपस्थित दर्ज नहीं कराई है।
उनके विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही जिन वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी नहीं करेंगे, उन विद्यालयों की मान्यता प्रत्याहरण के लिए लिखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि मुख्य विषय की परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों की कमी न हो इसलिए बेसिक शिक्षा अधिकारी से प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर 15- 15 शिक्षामित्र और पांच - पांच अनुदेशकों की तैनाती के निर्देश दिए गए है।
उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्र पर सभी तैनात कर्मचारियों को केंद्र व्यवस्थापक के पास उपस्थित दर्ज करानी होगी। परीक्षा में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्घ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गैरहाजिर स्टेटिक मजिस्ट्रेट का कटेगा वेतन
बोर्ड परीक्षा पर शासन ने अपनाया सख्त रुख, कक्ष निरीक्षकों पर होगी एफआईआर
बीएसए को अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था करने के निर्देश