गौसगंज (हरदोई)। मिश्रिख से बच्चे अगवा कर उन्हें बेचने ले जाने के दौरान दो आरोपियों को जीआरपी ने बालामऊ रेलवे प्लेटफार्म पर पकड़ लिया था। जिन्हें दूसरे दिन बच्चों के परिजनों की सहमति के बाद छोड़ दिया गया। कोतवाल ने जीआरपी पर ही फैसले की जिम्मेदारी डाल दी।
मिश्रिख थाना क्षेत्र के गंगापुर निवासी रामऔतार, उनकी पत्नी निर्मला देवी तथा औरंगाबाद निवासी श्रीपाल की पत्नी कमला देवी ने गुुरुवार को बच्चे अगवा करने के मामले में दो लोगों को पीट दिया था। बच्चों ने जीआरपी चौकी में आरोपियों पर कई आरोप लगाते हुए बेचने की बात कहीं थी, जबकि आरोपियों ने भी बच्चों पर रुपए चुराने का आरोप लगाया था। मिश्रिख कोतवाल मदनगोपाल ने जांच करने की बात कही और बच्चों के परिजनों को बालामऊ जीआरपी भेज दिया। यहां दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद दूसरे दिन परिजनों की सहमति पर आरोपियों को छोड़ दिया गया। चौकी प्रभारी केके यादव ने बताया किसी भी पक्ष से तहरीर नहीं दी।