हरदोई। शासन भले ही सर्व शिक्षा अभियान को लेकर एड़ी चोटी का जोर लगा रहा हो लेकिन इस जिले अफसर झूठ की नींव पर अभियान की बुलंद इमारत बनाने की फिराक में है। ऐसा ही कुछ 229 शौचालय निर्माण को लेकर भी हुआ। विभाग से भेजी गई रिपोर्ट न सिर्फ परियोजना में पकड़ ली बल्कि निर्धारित समय देकर निर्माण पूरा कराने के लिए निर्देशित किया है। साथ ही जिले के बेसिक शिक्षा विभाग को एक चेतावनी भरा पत्र भी जारी किया गया है। इसके बाद संबंधित बाबू व अधिकारी फाइल टटोलने में लग गए।
वर्ष 2006 से पूर्व स्कूलों में शौचालयों का निर्माण पंचायती राज विभाग के द्वारा कराया जाता रहा है। सर्व शिक्षा अभियान शुरू होने बाद बेसिक शिक्षा विभाग निर्माण करवाने लगा है। इसी बीच के 229 विद्यालयों के शौचालय न सिर्फ पंचायत राज विभाग बल्कि बेसिक शिक्षा विभाग के लिए सिर दर्द बन गए। नवंबर 2012 को बेसिक शिक्षा निदेशालय से जिलेे को एक सूची भेजी गई थी। इसमें 229 विद्यालयों की ऐसी सूची भेजी गई थी जिसमें कहा गया था कि इन विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ है सर्वे कराकर देख लिया जाए कि पूरा है कि नहीं और किस विभाग ने इस कार्य को पूरा किया। इसके बाद बीएसए की तरफ से सूचना निदेशालय भेज दी गई, जिसमें शौचालयों का निर्माण पूर्ण बता दिया गया। इसके बाद सर्वे में इन विद्यालयों में शौचालय पूर्ण नहीं पाए गए। इस पर प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने बीएसए को पत्र जारी किया। इसमें सूची में दिखाए गए 2006 के बाद के शौचालय व पेयजल विहीन विद्यालयों के लिए उत्तरदायी तत्कालीन बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं प्रधानाध्यापकों की सूची 22 फरवरी तक मांगी गई है। उन्होंने यह भी पत्र में निर्देशित किया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 15 मार्च को एक बार फिर से इसे लेकर समीक्षा होने वाली है, इसलिए इन विद्यालयों में निर्माण कार्य 10 मार्च तक प्रत्येक दशा में पूर्ण करा लिए जाए। इसके बाद भी यदि इसके प्रति लापरवाही बरती गई तो दोषी अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस संबंध जिला बीएसए देवेंद्र स्वरूप सचान का इतना ही कहना था कि पत्र संज्ञान में लाया गया है। पत्र में मिले निर्देशों के अनुसार कार्य किया जा रहा है।