हरदोई। परिषदीय स्कूलों की बालिकाओं को आत्म निर्भर बनाने को 50 दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण की योजना में अनुदेशकों का चयन न होने से कार्यक्रम अपनी मंजिल तक पहुंचने से पहले ही दम तोड़ गया और जिम्मेदार बेखबर बने रहे।
परिषदीय स्कूलों की जूनियर कक्षाओं की बालिकाओं को प्रति वर्ष आत्म निर्भर बनाने को व्यावसायिक पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्तमान सत्र में जिले की 457 स्कूलों की बालिकाओं को व्यावसायिक शिक्षा का प्रशिक्षण प्रदान देना था। इसके लिए शासन ने प्रति स्कूल 20 हजार रुपये की धनराशि जिला परियोजना कार्यालय को मुहैया कराई थी। इसके तहत बालिकाओं को प्रशिक्षण देने को हर स्कूल में दो-दो अनुदेशक की नियुक्ति की जानी थी। विभाग की ओर से आईटीआई और फल संरक्षण विभाग से प्रशिक्षितों की सूची मांगी गई थी।
उसी पर वरीयता सूची तैयार कर प्रशिक्षण की तैयारी चल रही थी, पर विभागीय अफसरों की आपसी खींचतान से अनुदेशकों का चयन नहीं हो सका। इस कारण पूरी प्रक्रिया फाइलों में दबकर रह गई। व्यावसायिक प्रशिक्षण शुरू न होने से बालिकाएं योजना के लाभ से वंचित रह गई। वहीं विभाग को धनराशि परियोजना का वापस करनी पड़ेगी। उधर, इस बाबत जिला समन्वयक जौहरी ने बताया कि परियोजना के निर्देशानुसार कार्रवाई की गई थी, मगर सचिव के अनुमोदन न देने से योजना शुरू नहीं हो सकी और धनराशि वापस कर दी गई है।