‘45 डिग्री तापमान से शनिवार को तेज धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों से लोगों के चेहरों की रंगत उड़ी रही। तपती दोपहरी में राहगीर सुस्ताने को जहां छांव तलाशते नजर आए, वहीं दोपहिया वाहन सवार चेहरों पर कपड़ा लपेट कर बचाव करते दिखे। लोगों ने प्यास बुझाने को शीतल पेय पदार्थों का भी सहारा लिया। मौसम वेधशाला के मुताबिक सूरज की तपिश बढ़ती जा रही और तापमान लुढ़कने का नाम नहीं ले रहा है। अभी कुछ दिनों तक मौसम के ऐसे ही रहने की उम्मीद है। शनिवार को धूप के तेज धूप के साथ वातावरण में धुंध सी दिखाई दी। जनजीवन को झुलसाने को सूरज अब अड़ियल रुख अपना चुका है। बारिश की छीटें तो छोड़िए, आंधी का अहसास अभी दूर तक नहीं हो पा रहा, जिससे महिलाएं व बूढ़े गर्मी से झुंझलाकर अब ईश्वर से ही इस तपिश से निजात दिलाने को फरियाद करने लगे हैं। सर्व धर्म के लोगों ने अपनी रीति नीति के अनुसार पूजा, प्रार्थना करने के साथ आंधी व बारिश होने की दुआएं मांग डाली। मंदिरों में जहां घंटे घड़ियाल बजे और लोगों ने मत्था टेक प्रार्थना की तो मसजिदों में नमाज अदा करने के साथ ही अकीदतमंदों के हाथ दुआ को उठे। गिरजाघराें में उपदेश देने के साथ प्रार्थना हुई और गुरुद्वारों में अरदास लगाते हुए लोगों ने प्रार्थना की।’
हरदोई। साल भर पारा लुढ़कता रहा और लुढ़कने के बाद इसी तिथि को 45 डिग्री पर ही पारा आकर अटक गया। पिछले साल 25 मई को भी पारा 45 डिग्री रिकार्ड किया गया था, जबकि न्यूनतम 30 था। अबकी 25 मई को भी तापमान अधिकतम 45 डिग्री रहा। पिछले दिनों से लगातार चल रही गरम हवाओं से वातावरण में बढ़ रही आर्द्रता से उमस भरी गर्मी ने लोगों चैन छीन लिया हैं। दिन तो दिन अब तो रात में भी उमस भरी भीषण गर्मी होने से लोगों की नींद उड़ने लगी है।
अब गर्मी से सामान्य जनजीवन प्रभावित होने के साथ ही पशु-पक्षी भी बिलबिलाने लगे हैं। गांवों में तालाबों के सूखने एवं जल स्तर नीचे गिरने से हैंडपंपों से सांय संाय की आवाज के साथ बालू आने लगी है। यह अलग बात हैं कि जिले के सभी तालाबों में पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश प्रशासन द्वारा काफी पूर्व में ही दिए जा चुके हैं। इसके बाद भी ज्यादातर गांवों में तालाबों को भरवाना ग्राम पंचायतों द्वारा जरूरी नहीं समझा गया। बीती रात में उमस भरी गर्मी से पसीना-पसीना हुए लोगों की आंखों से नींद गायब रही। गर्म हवा फेंकते पंखे भी राहत नहीं दिला पाए और लोग काफी परेशान रहे। तेज गर्मी के साथ लू के थपेड़े त्वचा को ही नहीं, बल्कि आंखों के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।
इन दिनों एलर्जिक व वैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस के मरीज बढ़ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी क्लीनिकों पर मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। डॉक्टरों का कहना है कि इलाज में देरी कतई न करिए अन्यथा कार्निजल अल्सर भी होने की संभावना है। बड़ों को ही नहीं आंखों के यह रोग बच्चों को भी परेशान कर रहे हैं। आंख की वाह्य परत सीधे तौर पर वातावरण के संपर्क में होती है। बढ़े हुए तापमान, गर्म व तेज हवाओं से आंखों की यह बाह्य परत सूख जाती है। वातावरण में मौजूद कीटाणु व एलर्जी पैदा करने वाले कण आंखों की वाह्य परत से चिपक कर कई रोग पैदा कर देते हैं। गर्मी के चलते एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस हो सकती है।
इसमें आंख लाल होने, खुजली व चिपचिपाहट की शिकायत होती है। डॉक्टरों का कहना है कि वैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस के मरीज की आंखों में ज्यादा लाली आंखों में धूल के कण पड़ने जैसी चुभन, आंख चिपकने के साथ कीचड़ हो जाता है। इससे प्रभावित होने पर आंख में लाली, आंसू आने, काली पुतली पर सफेदी आने के साथ दर्द भी होता है। डॉक्टरों का कहना है कि लापरवाही करने से आंखों की रोशनी जा सकती है। इस बाबत नेत्र चिकित्सक वीपी गौतम ने बताया कि यह सब लक्षण दिखते ही तत्काल इलाज कराना चाहिए। इस मौसम में वातावरण में मौजूद धूल कणों से खासतौर पर बच्चों में वरनल कंजक्टिवाइटिस हो जाता है। बीमारी दो से 15 साल तक के बच्चों को प्रभावित कर रही है।
इंसेट
कुछ ऐसे हुआ तापमान में उतार चढ़ाव---
तारीख अधिकतम न्यूनतम
15 मई 39.4 26.8
16 मई 40 27
17 मई 42 28
18 मई 43 27
19 मई 41 27
20 मई 41.2 29.6
21 मई 44 31
22 मई 43 31
23 मई 44 29
24 मई 44 29
25 मई 45 32