शाहाबाद/लोनी। बिजली विभाग भले ही सप्लाई सुधरने का दावा करे, पर हकीकत यह है कि तहसील क्षेत्र के करीब आधा सैकड़ा गांवों में पांच दिनों से बिजली गुल है, वहीं नगर क्षेत्र में दो दिनों में मात्र एक घंटे सप्लाई मिली, जिससे लोग परेशान है। विभागीय अफसर लोकल फाल्ट और अघोषित कटौती का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
सूबे में सपा की सरकार बनने के बाद क्षेत्र में बिजली की दशा बिगड़ती जा रही है। नगर क्षेत्र में दो दिनों बाद एक घंटा सप्लाई मिल सकी, जिससे उमस भरी गर्मी में उपभोक्ता बेहाल हैं। वहीं पावर कनेक्शन को लोगों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को सारे दिन बिजली गुल रही। वहीं शुक्रवार को तीन से चार बजे तक ही सप्लाई मिल सकी। जानकारी करने पर उपकें द्र से बताया गया कि आपातकालीन कटौती के चलते सप्लाई बाधित है। उधर, ग्रामीण क्षेत्र के नरहाई फीडर से पांच दिनों से बिजली सप्लाई बंद है। उधर, जमुरा, कठमा, हर्रई, रैंगवा, भूड़, जटपुरा, उधरनपुर, आगापुर, गड़ेपुर, परियल, पुरवा, पिपरिया, हिरौली समेत करीब आधा सैकड़ा गांवों में बिजली गुल पड़ी है।
लोनी में बिजली न मिलने से लोग परेशान हैं। दिन में उमस और रात में मच्छरों ने नींद हराम कर रखी है। क्षेत्र वासियों को बरसात की रात अंधेरे में काटनी पड़ रही है। जमुरा फीडर से जुडे़ गांव सिकंदरपुर में चार दिनों से बिजली गुल है, जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञात हो कि बसपा शासनकाल में क्षेत्रवासियाें को पर्याप्त सप्लाई मिल रही थी, पर पिछले एक साल से गड़बड़ा गई। यह स्थिति तब है जब क्षेत्र से सपा विधायक बाबू खां चुने गए। इसके बावजूद भी व्यवस्था सुधरती नजर नहीं आ रही। उधर, शाहाबाद में बसपा सरकार में बना 132 केवी उपकेंद्र से अभी तक लाइन जुड़ने का कार्य पूरा नहीं हो सका।
खेतों में बिजली के खंभे खड़े कर दिए गए, पर बारिश का पानी भरने से कार्य थम गया। यदि कार्य की यही प्रगति रही तो अगले तीन माह में लाइन जुड़ने के आसार नजर नहीं आ रहे। ग्रामीणों ने डीएम से मांग की लाइन जल्द से जल्द सुधरवाकर सप्लाई शुरू करवाई जाए।