हरदोई। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले पदाधिकारियों ने शनिवार को भी विकास भवन में धरना देकर शीघ्र ही सातवें वेतन आयोग के गठन कराने की मांग की।
धरने का नेतृत्व कर रहे परिषद के जिलाध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि परिषद के बैनर तले प्रमुख मांगों को लेकर कब से संघर्ष किया जा रहा, पर सरकारें अब तक कोई निर्णय नहीं ले पाई हैं। एक बार फिर दो दिवसीय कार्य बहिष्कार कर धरना दिया जा रहा है। कहा कि उनकी मुख्य मांगों में राज्य कर्मियों को 8, 16, 24 वर्ष की सेवा पर तीन पदोन्नति पद का ग्रेड वेतन देने, केंद्रीय कर्मियों की भांति ही नगर प्रतिकर भत्ता, शिशु भत्ता देने और पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण बिल को वापस करने की मांगे शामिल हैं। संरक्षक राजकुमार कपिल ने कहा कि छठवे वेतन आयोग के लागू होने के बाद वर्तमान महंगाई भत्ता 80 प्रतिशत हो चुका है।
इसलिए शीघ्र सातवें वेतन आयोग का गठन किया जाए। उन्होंने यूपीएफसी, लघु उद्योग आदि सभी निगमों के कर्मियों को राज्य कर्मियों की भांति ही अधिवर्षता उम्र 60 वर्ष करने की मांग की। धरने को चकबंदी लेखपाल संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सुधाकर त्रिपाठी, ग्राम विकास अधिकारी संघ अध्यक्ष अशोक शुक्ला, आईसीडीएस जिलाध्यक्ष अर्चना वर्मा, सचिव सुमन देवी, चिंता देवी, डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के जिलाध्यक्ष शिवगोपाल सिंह, सचिव नवीन सहगल, डिप्लोमा इंजीनियर संघ के जनपद अध्यक्ष सुरेंद्र राठौर, सचिव सिद्धार्थ प्रभाकर आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर प्रदीप खरे, राकेश चंद्र, विजय सिंह, दयाशंकर मिश्र, राजीव मिश्रा, रतन शर्मा आदि थे।