हरदोई। ग्रामीण क्षेत्र के लोेगों को बेहतर आजीविका के लिए लिए उन्हें लघु उद्योगों की ओर प्रेरित करने को सरकार ने ग्रामीण आजीविका मिशन योजना की शुरूआत की है। जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों का गठन कर उनको लघु उद्योग करने के लिए लोन दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में समूहों का गठन करने की प्रक्रिया चल रही है और अब गठित हो चुके समूहों को लेान देने की प्रक्रिया की जाएगी। इसके लिए शासन ने लोन देने को जिला स्तरीय समिति का गठन भी कर दिया है। जिसके माध्यम से ही लोन का आवंटन किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर में वृद्धि करने को केंद्र सरकार ने समूह गठित कर उनके माध्यम से लघु उद्योग कराने की प्रक्रिया शुरू की है। जिसमें ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और पुरूषों के समूहों का गठन कर उनको रोजगार उपलब्ध कराने की रणनीति बनाई गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जिले में कुल 1580 समूहों का गठन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसमें अहिरोरी में तो 230 जबकि शेष ब्लाकों में 75 समूहों के गठन के निर्देश दिए। जबकि लक्ष्य में 50 फीसदी अनुसूचित जाति की महिलाओं के समूह अवश्य बनाने के निर्देश दिए गए। सरकार ने समूह गठन का लक्ष्य निर्धारित कर सितंबर तक शत प्रतिशत लक्ष्यों का पूर्ण किया जाना था लेकिन जिले में समूह गठन की प्रक्रिया में थोड़ी लापरवाही की जा रही है। जिसको लेकर अभी तक शत प्रतिशत समूह गठन का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो पाया। हालांकि उपायुक्त स्वत: स्वरोजगार राजकरण पाल को समूहों की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उधर अभी तक जितने समूह गठित हो गए हैं उनको अब लद्यु उद्योग देने के लिए लोन देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिसके लिए सरकार द्वारा जिला स्तरीय लोन समिति का गठन कर दिया है। इस समिति में उपायुक्त स्वत: स्वरोजगार को अध्यक्ष नामित किया गया है, जबकि जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, एडीओ आईएसबी व संख्या सहायक अधिकारी एसजीएसवाई को सदस्य नामित किया गया है। बताया गया कि यह समिति स्वयं सहायता समूह सदस्यों को रिवाल्विंग फंड एवं सीआईएफ प्रदान करेंगे।