हरदोई। अपर जिला जज श्रीकांत वर्मा ने शनिवार को आत्महत्या को उत्प्रेरण के मामले में दोषी पाने पर पति को छह साल की सजा व सात हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए। इधर, एडीजे रामराज ने किशोरी के साथ दुष्कर्म के अभियुक्त को सात साल की सजा और 21 हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए। जिसमें 20 हजार रुपये पीड़िता को देने होंगे।
कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम भूराटीकुर निवासी राजमोहन की शादी 9 जून 11 को इसी क्षेत्र के राममोहन की बेटी मंजू उर्फ सुरक्षा से हुई थी। शादी के बाद पति बाइक और सोने की चेन की मांग कर मंजू को प्रताड़ित करता था। 22 नवंबर 12 को मंजू ने आत्महत्या कर ली। घटना की रिपोर्ट उसके पिता रामकिशोर ने थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दहेज, प्रताड़ना व आत्महत्या के लिए उत्प्रेरण के मामले में दोषी पाने पर अभियुक्त को छह साल की सजा व 5 हजार रुपये जुर्माना और दहेज उत्पीड़न में 2 हजार रुपये जुर्माना भरने के आदेश दिए।
इधर, बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी रामजीवन ने गांव की एक किशोरी के साथ 13 जुलाई 12 को रात करीब 12 बजे उस वक्त दुष्कर्म किया जब वह शौच को जा रही थी। पीड़िता के पिता ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने आरोप साबित होने पर दुष्कर्म में सात साल की सजा और 21 हजार रुपये जुर्माना जिसमें 20 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।