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Hardoi News: संशय के बीच खुले स्कूल, कहीं बच्चे नहीं और कहीं फैली मिली गंदगी
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फोटो-11- कंपोजिट विद्यालय बहरा सौदागर में बैठी शिक्षिकाएं। संवाद
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हरदोई। बच्चे स्कूल आएंगे या नहीं के संशय के बीच मंगलवार को गर्मियों के अवकाश के बाद परिषदीय स्कूल खुल गए। शहर और नगरीय क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षक तो आए और अपना कामकाज निपटाया। बच्चों की उपस्थिति न के बराबर रही। इससे विद्यालयों के कक्षा कक्षों में सन्नाटा पसरा रहा। स्कूलों की साफ-सफाई में भी कर्मियों की मनमानी सामने आई है।
परिषदीय स्कूलों में गर्मियों के अवकाश के बाद पढ़ाई भी शुरू करा दी गई है। सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने स्कूलों को खोलने के साथ ही विद्यार्थियों को भी बुलाने का आदेश जारी किया है। पहले जारी किए गए आदेश में केवल शिक्षकों के ही आने की बात कही गई थी। इससे अधिकांश शिक्षकों में संशय बना रहा है। शहरी और नगरीय क्षेत्र में स्कूल खुलने के साथ ही बच्चों के आने के आदेश की व्यापक जानकारी न तो बच्चों को हुई और न ही अभिभावको को हो पाई। इससे नगरीय क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों के न आने से सन्नाटा रहा। कंपोजिट विद्यालय बहरा सौदागर में एक भी विद्यार्थी नहीं आया था, जबकि सहायक अध्यापिका धीरज सिंह और शिक्षामित्र किरन मिश्रा कामकाज निपटाते मिलीं।
टड़ियावां क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खेरिया में दस बच्चे स्कूल में मौजूद मिले। प्रधानाध्यापक चक्र सुदर्शन ने बताया कि 10 बच्चे आए हैं, उन्हें एमडीएम में खीर परोसी गई। सफाईकर्मी सुशील कुमार ने स्कूल की साफ-सफाई की है।
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भरावन क्षेत्र में गर्मी की छुट्टियों के बाद खुले स्कूलों में बच्चों का स्वागत गंदगी और उगी घास-झाड़ियों के मध्य हुआ। अधिकांश स्कूलों में सफाईकर्मी नदारद मिले, जिसके चलते रसोइयों को ही सफाई की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। पहले दिन विद्यार्थियों की उपस्थिति भी कम रही। प्राथमिक विद्यालय लालामऊ मवई में 132 नामांकित छात्रों में 33 बच्चे पहुंचे। प्रधानाध्यापक मनोज कुमार ने बताया कि रसोइया लक्ष्मी, मधुमती और रामश्री ने कमरों की सफाई की, जबकि सफाईकर्मी खुशीराम नहीं आया। विद्यालय के मुख्य द्वार और परिसर में बड़ी-बड़ी घास खड़ी मिली। प्राथमिक विद्यालय ढिकुन्नी में 110 में से 40 बच्चे मिले। इंचार्ज प्रधानाध्यापिका प्रतिभा वर्मा ने बताया कि सफाईकर्मी रामचंद्र व रसोइया गुड्डी, घूना और पुष्पा ने मिलकर परिसर और कमरों की सफाई की है। प्राथमिक विद्यालय सागरगढ़ी में 64 में से 30 बच्चे पहुंचे। प्रधानाध्यापिका दुर्गेश नंदनी ने बताया कि सफाईकर्मी दीनानाथ पिछले छह माह से विद्यालय नहीं आ रहा है।ऐसे में रसोइया ऊषा ने कमरों की सफाई की। विद्यालय परिसर में अब भी घास उगी हुई है।
प्राथमिक विद्यालय टाड़खेड़ा में 75 में से 42 बच्चे उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापिका रेनू सिंह ने बताया कि सफाईकर्मी रामानुज अनुपस्थित हैं। रसोइया अमिता, सुंदरी और गुड़िया ने साफ-सफाई की है। विद्यालय परिसर में घास और गंदगी समस्या बनी हुई है। विद्यालयों के शौचालयों में गंदगी रही। विद्यालय खुलने के पहले ही दिन सामने आई सफाई व्यवस्था की खामियों ने पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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छह माह से नहीं आया सफाईकर्मी
प्राथमिक विद्यालय सागरगढ़ी की प्रधानाध्यापिका दुर्गेश नंदनी ने बताया कि विद्यालय में तैनात सफाईकर्मी दीनानाथ पिछले छह माह से नहीं आया है। बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, इससे विद्यालय की साफ-सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने सफाईकर्मी के संबंध में लिखापढ़ी किए जाने की बात बताई।
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पहले दिन स्कूल आए बच्चों को एमडीएम में परोसी गई खीर
परिषदीय स्कूलों में पहला दिन बच्चों के लिए मीठा रहा। बच्चे आएंगे या नहीं के संशय के बीच ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में नाममात्र संख्या में ही बच्चे आए, लेकिन जो बच्चे स्कूल आए उन्हें पहले दिन मध्याह्न भोजन योजना में खीर परोसी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों ने बताया कि स्कूलों में साफ-सफाई भी कराई गई और बच्चों के लिए एमडीएम में खीर बनवाई गई थी।
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स्कूलों में साफ-सफाई कराया जाना वरीयता में शामिल है। सफाई कर्मियों की लापरवाही की जांच कराई जाएगी। लापरवाही की पुष्टि पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -ध्रुव पांडेय, एडीओ पंचायत
परिषदीय स्कूलों में गर्मियों के अवकाश के बाद पढ़ाई भी शुरू करा दी गई है। सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने स्कूलों को खोलने के साथ ही विद्यार्थियों को भी बुलाने का आदेश जारी किया है। पहले जारी किए गए आदेश में केवल शिक्षकों के ही आने की बात कही गई थी। इससे अधिकांश शिक्षकों में संशय बना रहा है। शहरी और नगरीय क्षेत्र में स्कूल खुलने के साथ ही बच्चों के आने के आदेश की व्यापक जानकारी न तो बच्चों को हुई और न ही अभिभावको को हो पाई। इससे नगरीय क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों के न आने से सन्नाटा रहा। कंपोजिट विद्यालय बहरा सौदागर में एक भी विद्यार्थी नहीं आया था, जबकि सहायक अध्यापिका धीरज सिंह और शिक्षामित्र किरन मिश्रा कामकाज निपटाते मिलीं।
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टड़ियावां क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खेरिया में दस बच्चे स्कूल में मौजूद मिले। प्रधानाध्यापक चक्र सुदर्शन ने बताया कि 10 बच्चे आए हैं, उन्हें एमडीएम में खीर परोसी गई। सफाईकर्मी सुशील कुमार ने स्कूल की साफ-सफाई की है।
भरावन क्षेत्र में गर्मी की छुट्टियों के बाद खुले स्कूलों में बच्चों का स्वागत गंदगी और उगी घास-झाड़ियों के मध्य हुआ। अधिकांश स्कूलों में सफाईकर्मी नदारद मिले, जिसके चलते रसोइयों को ही सफाई की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। पहले दिन विद्यार्थियों की उपस्थिति भी कम रही। प्राथमिक विद्यालय लालामऊ मवई में 132 नामांकित छात्रों में 33 बच्चे पहुंचे। प्रधानाध्यापक मनोज कुमार ने बताया कि रसोइया लक्ष्मी, मधुमती और रामश्री ने कमरों की सफाई की, जबकि सफाईकर्मी खुशीराम नहीं आया। विद्यालय के मुख्य द्वार और परिसर में बड़ी-बड़ी घास खड़ी मिली। प्राथमिक विद्यालय ढिकुन्नी में 110 में से 40 बच्चे मिले। इंचार्ज प्रधानाध्यापिका प्रतिभा वर्मा ने बताया कि सफाईकर्मी रामचंद्र व रसोइया गुड्डी, घूना और पुष्पा ने मिलकर परिसर और कमरों की सफाई की है। प्राथमिक विद्यालय सागरगढ़ी में 64 में से 30 बच्चे पहुंचे। प्रधानाध्यापिका दुर्गेश नंदनी ने बताया कि सफाईकर्मी दीनानाथ पिछले छह माह से विद्यालय नहीं आ रहा है।ऐसे में रसोइया ऊषा ने कमरों की सफाई की। विद्यालय परिसर में अब भी घास उगी हुई है।
प्राथमिक विद्यालय टाड़खेड़ा में 75 में से 42 बच्चे उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापिका रेनू सिंह ने बताया कि सफाईकर्मी रामानुज अनुपस्थित हैं। रसोइया अमिता, सुंदरी और गुड़िया ने साफ-सफाई की है। विद्यालय परिसर में घास और गंदगी समस्या बनी हुई है। विद्यालयों के शौचालयों में गंदगी रही। विद्यालय खुलने के पहले ही दिन सामने आई सफाई व्यवस्था की खामियों ने पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छह माह से नहीं आया सफाईकर्मी
प्राथमिक विद्यालय सागरगढ़ी की प्रधानाध्यापिका दुर्गेश नंदनी ने बताया कि विद्यालय में तैनात सफाईकर्मी दीनानाथ पिछले छह माह से नहीं आया है। बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, इससे विद्यालय की साफ-सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने सफाईकर्मी के संबंध में लिखापढ़ी किए जाने की बात बताई।
पहले दिन स्कूल आए बच्चों को एमडीएम में परोसी गई खीर
परिषदीय स्कूलों में पहला दिन बच्चों के लिए मीठा रहा। बच्चे आएंगे या नहीं के संशय के बीच ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में नाममात्र संख्या में ही बच्चे आए, लेकिन जो बच्चे स्कूल आए उन्हें पहले दिन मध्याह्न भोजन योजना में खीर परोसी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों ने बताया कि स्कूलों में साफ-सफाई भी कराई गई और बच्चों के लिए एमडीएम में खीर बनवाई गई थी।
स्कूलों में साफ-सफाई कराया जाना वरीयता में शामिल है। सफाई कर्मियों की लापरवाही की जांच कराई जाएगी। लापरवाही की पुष्टि पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -ध्रुव पांडेय, एडीओ पंचायत

फोटो-11- कंपोजिट विद्यालय बहरा सौदागर में बैठी शिक्षिकाएं। संवाद

फोटो-11- कंपोजिट विद्यालय बहरा सौदागर में बैठी शिक्षिकाएं। संवाद

फोटो-11- कंपोजिट विद्यालय बहरा सौदागर में बैठी शिक्षिकाएं। संवाद

फोटो-11- कंपोजिट विद्यालय बहरा सौदागर में बैठी शिक्षिकाएं। संवाद