हरदोई/बिलग्राम। सूबे के सीएम के औचक निरीक्षण की भनक लगते ही अफसरों में हड़कंप मच गया। सुबह से ही जिला अस्पताल में चाक चौबंद व्यवस्थाएं नजर आने लगीं, वहीं बिलग्राम में सारी रात अफसरों ने दफ्तरों में बैठकर अभिलेख दुरुस्त किए। इतना ही नहीं सीएचसी मल्लावां में रातों रात परिसर में लगी घास कटवाई और सुबह होते ही मुख्य मार्गों पर चूना पड़ा।
वहीं समग्र गांवों में फोर्स तैनात कर दिया। शाम तक सीएम नहीं आए तो अफसरों ने राहत की सांस ली। सीएम के जनपद में निरीक्षण की आहट लगते ही स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया। जिला अस्पताल प्रशासन भी अपनी खामियों को छिपाने में जुट गया। अस्पताल में जर्जर स्ट्रेचर पर हमेशा मरीज ढोए जाते हैं। वह एक कोने पर छिपाकर कर रख दिए गए। शुक्रवार को हर कर्मचारी ड्रेस में नजर आ रहा था। अस्पताल के वार्ड में साफ सफाई दुरुस्त की गई, वार्ड में बेड पर पड़ी सफेद चादर अपनी कहानी स्वयं ही बयां कर रही थी कि सीएम का कितना खौफ है। वहीं अन्य विभागों के विभागाध्यक्ष भी सीएम के निरीक्षण को लेकर उनकी लोकेशन पाने को लगातार फोन मिलाते रहे।
पूरे दिन प्रशासनिक व पुलिस अफसरों के फोन घनघनाते रहे। हर कोई सीएम के आने या न आने के विषय में जानने को आतुर दिखा। उधर, सूत्रों की माने तो एसडीएम बिलग्राम से सीएम का हेलीकाप्टर उतरने को हैलीपैड के बाबत जानकारी मांगी गई, इस पर खलबली मच गई। रातोंरात ईओ पालिका, बीडीओ समेत अन्य विभागों के अफसरों ने व्यवस्थाओं को चाक चौबंद करना शुरू कर दिया। सुबह होते ही मुख्य मार्ग पर चूना पड़ा और सड़कों के गड्ढे भरवाए गए। शुक्रवार को बीडीओ समेत अन्य अधिकारी भी निर्धारित समय में दफ्तर में बैठे नजर आए। उधर, क्षेत्र में पड़ने वाले समग्र गांवों में कोतवाली पुलिस लगा दी गई। शाम तक जब कोई लोकेशन नहीं मिला तो अफसरों ने राहत की सांस ली।
उधर, सवायजपुर में एसडीएम पीपी तिवारी, तहसीलदार दिनेश सिंह, समग्र गांव मत्तीपुर और सोनेपुर जा पहुंचे और विकास कार्यों का जायजा लिया। अन्य समग्र गांवों में भी तहसील के कर्मचारियों को लगा दिया गया। वहीं तहसील कार्यालय में भी व्यवस्था चुस्त दुरुस्त नजर आई।