हरदोई। पिछले चार वर्षों से कागजी कार्रवाई के पिटारे में कैद बैंक आफ इंडिया के प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण प्रशासन से भूमि मिलने के दो साल बाद भी शुरू न हो सका है। ऐसे में बैंक आफ इंडिया की मंशा पर सवालिया निशान लगने लगे है। ज्ञात हो कि प्रशासन ने बावन रोड पर ग्राम सभा तत्यौरा में इस प्रशिक्षण केंद्र के लिए ग्राम समाज की भूमि का आवंटन सितंबर 12 में किया था।
करीब एक एकड़ भूमि का आवंटन हुआ था। गौरतलब हो कि जिलों में ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगाराें एवं स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को स्वरोजगार संबंधी प्रशिक्षण देने के लिए नाबार्ड द्वारा लीड बैंकों के माध्यम से प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए अनुदान दिया गया था। इस क्रम में हरदोई में भी प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण होना है, पर भूमि न मिलने से अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण को प्रशासन को भूमि आवंटन को नवंबर 10 से लगातार पत्र भेजे जाते रहे, पर केंद्र के लिए भूमि नहीं मिल पाई। जब भूमि नहीं मिली तो बैंक द्वारा प्रशिक्षण केंद्र के अस्तित्व को बचाने को किराए पर भवन लेकर संचालन शरू किया गया तथा नाबार्ड के सहयोग से गरीबों एवं बेरोजगारों को कई कार्यों के लिए प्रशिक्षण देने काम किया जा रहा।
पर, प्रशिक्षण केंद्र न बनने से प्रशिक्षण बृहद रूप से आयोजित नहीं हो पा रहे हैं। सितंबर 12 में भूमि आवंटन के बाद निर्माण को लेकर तैयारियों में भी उदासीनता बरती गई। इस तरह से पिछले 4 वर्षों से प्रशिक्षण केंद्र के भवन का निर्माण कागजी कार्रवाई के पिटारे में कैद होकर रह गया। इस बाबत केंद्र के निदेशक जीएस चंदेल ने बताया था कि निर्माण कार्य की कार्रवाई जोनल आफिस से शुरू कराई जानी है। जोनल आफिस से संपर्क करने पर बताया गया कि इस ओर कार्रवाई पूरी की जा रही है।