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जल्द बारिश न हुई, तो सूखेंगी फसलें

Hardoi Updated Sat, 23 Jun 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। पिछले तीन सालों में इस साल ऐसा पहली बार हुआ, जब मई और जून में बारिश नगण्य है। 1 मई से 21 जून तक केवल एक बार ही 6 मिमी बारिश हुई है, जबकि इससे पूर्व के वर्षों में इस अवधि में झमाझम बारिश होती रही है। बारिश न होने से किसानों में चिता के भाव हैं, क्योंकि एक ओर जहां खरीफ की फसलों के लिए सिंचाई को भरपूर पानी नहीं मिल पा रहा, तो वहीं इंजन बोरिंग से सिंचाई करने से उनकी लागत भी बढ़ रही और उसके बाद भी फसलों को सूखने से बचाने का संकट खड़ा हुआ है।
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सबसे ज्यादा नुकसान गन्ने की फसल को हो रहा है। गन्ने के लिए भरपूर पानी न मिलने से जहां उसके विकास पर विपरीत असर पड़ रहा, वहीं उत्पादन कमजोर होने की संभावनाएं हैं। बारिश न होने से किसानों के लिए निजी साधनों से गन्ने की भरपूर सिंचाई करना संभव नहीं हो रहा है। जिले में इस वर्ष करीब 47,200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की फसल हो रही है। पिछले वर्ष 42,989 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने का करीब पौने तीन सौ लाख कुंतल उत्पादन हुआ था। इस बार अगर जल्द ही बारिश न हुई तो उत्पादन घट सकता है। इस बाबत जिला गन्ना अधिकारी ऊषा पाल ने कहा कि यह सही है कि गन्ने की फसल के लिए भरपूर पानी की उपलब्धता नहीं हो पा रही है, जिससे इसका असर उत्पादकता पर पड़ेगा।
उधर, जिले में हर वर्ष करीब तीन लाख हेक्टेयर में होने वाली धान की फ सल को भी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं, क्योंकि बारिश न होने से किसानों को धान की रोपाई को पौध बनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादातर किसान पौध बनाने को अभी बारिश होने का इंतजार कर रहे जिससे धान की रोपाई का कार्य काफी पिछड़ सकता है। मक्के की फसल पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। औसतन 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में हो रही इस फसल को बचाने को किसान सिंचाई को परेशान हैं। उधर, बारिश न होने तथा तापमान का स्तर 38 से 40 डिग्री के आस पास चलने से सब्जियों एवं फलों को भी नुकसान हो रहा है।
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खास तौर से बारिश न होने से कद्दूवर्गीय सब्जियों एवं आम के अलावा अन्य मौसमी फलों पर विपरीत असर पड़ रहा है। फलों एवं सब्जियों को बचाने को किसानों को निजी साधनों से सिंचाई पर काफी पैसा खर्च करना पड़ रहा है। उधर, जिले में कृषि योग्य क्षेत्रफल 4,21,584 हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्रफल 3,72,385, असिंचित क्षेत्रफल 49,199, नहरों द्वारा सिंचित क्षेत्रफल 59,050, राजकीय नलकूपों द्वारा सिंचित 7,154, निजी नलकूपों द्वारा सिंचित 3,03,169, तालाब पोखरों द्वरा सिंचित 2,604 और अन्य साधनों द्वारा सिंचित 408 हेक्टेयर है।
इंसेट---
तीन वर्षों में मई जून में हुई बारिश---
मई व जून 10 में 3 मई को 22 मिमी, 8 मई को 5, 20 मई को 2, 28 मई को 12, 4 जून को 1, 13 जून को 6, 26 जून को 9 मिमी और 30 जून को बूंदाबांदी।
मई व जून 1 में 7 मई को 4 मिमी, 21 मई को 3, 22 मई को 1, 30 मई को 3, 31 मई को 10, 1 जून को 6, 12 जून को 4, 15 जून को 4, 17 जून को 4, 22 जून को 1, 27 जून को 2, 28 जून को 3, 29 जून को 10 और 30 जून को 68 मिमी।
मई व 21 जून 12 तक हुई बारिश में मई में नगण्य और 6 जून को 6 मिमी।
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