हाथरस। गाजियाबाद स्थित यूनियन के जिला सचिव सुकेंद्र पाल सिंह की हत्या के विरोध में बीएसएनएल कर्मचारी शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। बीएसएनएल एंपलाइज यूनियन के बैनरतले कर्मचारियों ने इस मौके पर कुछ घोटालों से परदा उठाने की भी मांग की। बीएसएनएल कर्मचारियों की हड़ताल से पिलरों और अन्य जगहों पर कामकाज नहीं हो सका। गाजियाबाद में बीएसएनएल के एक कर्मचारी यूनियन के नेता सुकेंद्र पाल सिंह की हत्या के विरोध में देशव्यापी हड़ताल के चलते यहां भी बीएसएनएल कर्मचारी लामबंद हो गए। इन कर्मचारियों ने सुबह ही हड़ताल कर दी। उसके बाद कर्मचारी मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल की थी, लेकिन अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर हड़ताल समाप्त की। अब शुक्रवार को बीएसएनएल कर्मचारी लामबंद हो गए और हड़ताल कर धरने पर बैठ गए। इससे कार्यालयों और केबिलों पर कामकाज नहीं हुआ। कर्मचारियों का कहना था कि एक षड्यंत्र के तहत सुकेंद्र पाल की हत्या कर दी गई है और इतना ही नहीं जब जीएम की गिरफ्तारी और सेवा समाप्ति नहीं होगी, तब तक कर्मचारी शांत नहीं बैठेंगे। इस मौके पर यह भी आरोप लगाया गया कि सभी महाप्रबंधक ठेकेदारों के माध्यम से सिक्योरिटी टेंडर कांट्रेक्ट के द्वारा बीएसएनएल को चूना लगा रहे हैं। इन घोटालों का भी राजफाश किया जाए। साथ ही जीएम की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए। इस मौके पर मुख्य रूप से बीके शर्मा, सीएस वर्मा, लायक सिंह, आरपी सिंह, हीरा सिंह, सीताराम मदनावद, कांती प्रसाद, रामेश्वर प्रसाद, रमेश चंद्र, महीपाल सिंह, विजय सिंह, वीरेंद्र सिह, शिवकुमार, प्रेमकिशोर, सुखदेव सिंह, वृषभान सिंह आदि थे।
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