एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

जल्द चालू हो जाएगी हाथरस ब्रांच समानांतर नहर

Hathras Updated Tue, 09 Apr 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

हाथरस। जिले के किसानों को आवश्यकता के अनुरूप पानी उपलब्ध कराने के लिए हाथरस ब्रांच नहर के समानांतर बनी नई नहर इसी सत्र में चालू हो जाएगी। नहर के सभी पुलों की मरम्मत का काम पूरा हो गया है। किसानों के दावों के भुगतान के लिए 3.36 लाख रुपया भी सिंचाई विभाग ने न्यायालय में जमा कर दिया है। अब सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से राजमार्ग संख्या 93 को काटकर नहर का काम पूरा करने के लिए परमीशन मिलनी बाकी है, जिसके लिए विभाग लगातार पत्राचार कर रहा है। इस नहर के चालू होने से अलीगढ़, हाथरस, आगरा और एटा के कई इलाकों के किसानों को फायदा मिलेगा। हाथरस ब्रांच नहर से किसानों को आवश्यकता के अनुरूप पानी नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण गर्मी के मौसम और रबी की फसल की सिंचाई के दौरान टेल तक पानी ही नहीं पहुंच पाता। क्षेत्रीय किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित (आवपासी) सिंचाई का मूल्य देने के बावजूद फसलों की सिंचाई के लिए अपने निजी नलकूपों के भरोसे ही रहना पड़ रहा है। इस समस्या के कारण किसानों की फसल की औसत पैदावार भी कम हो रही है। नहर का अधिकांश सिंचाई क्षेत्र डार्क जोन में आ रहे ब्लॉकों में है, जहां किसानों को अपना नलकूप लगाने के लिए भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जो नलकूप संचालित भी हैं, उनका संचालन करने में बढ़े हुए बिजली बिल चुकाना और डीजल इंजनों का प्रयोग करना भी किसानों को काफी मंहगा पड़ता है। हाथरस ब्रांच नहर में आवश्यकता के अनुसार पानी की आपूर्ति कराने के लिए पोपिया कोठी, नयावास एवं सहपऊ रजवाहा के पास समानांतर हाथरस ब्रांच नहर में कर्न्वटरों का निर्माण कराया गया है, जिनके माध्यम से हाथरस ब्रांच नहर में पानी छोड़ा जाएगा, जिससे किसानों को टेल तक के कुलावों में आवश्यकता के अनुरूप पानी मिल जाएगा। हाथरस ब्रांच नहर की समानांतर ब्रांच की लंबाई 62.6 किलोमीटर है, जोकि रामगंगा नहर भूरे खां (इगलास) से शुरू होकर सहपऊ रजवाहे पर पहुंचकर समाप्त हो जाएगी। इसको पूरी तरह संचालित करने के लिए सभी महत्वपूर्ण कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। मरम्मत का काम भी विभाग ने पूर्ण करा दिया है। समानांतर हाथरस हाथरस ब्रांच नहर के संचालन से पूर्व एक बार इसमें उगी हुई झाड़ियों की सफाई एवं दौलों की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। पैसा मिलने के बाद नहर का फाइनल सफाई का काम भी पूरा करा दिया जाएगा, जिससे नहर में पानी आने के बाद पटरियां आदि कटने की समस्या से न जूझना पडे़। हाथरस ब्रांच नहर से क्षेत्र के किसानों को 800 क्यूसिक पानी की आवश्यकता है, जबकि मौजूदा समय में नहर क्षेत्र के किसानों को 5.50 क्यूसिक पानी ही उपलब्ध करा पा रही है। समानांतर हाथरस ब्रांच नहर का संचालन पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के सभी किसानों की 800 क्यूसिक पानी की आवश्यकता पूर्ण हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें