एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

अन्य विभागों का भी वजीफा शक के घेरे में

Hathras Updated Sun, 11 Aug 2013 05:34 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

हाथरस। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा होने के बाद कुछ अन्य विभागों में खलबली मची हुई है। इस मामले के खुलने के बाद पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अलावा समाज कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से जारी होने वाली छात्रवृत्ति भी संदेह के घेरे में आ गई है, जिससे शिक्षा माफिया में खलबली मच गई है। उल्लेखनीय है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में 56 लाख का छात्रवृत्ति घोटाला पकड़ में आया है। इसमें एक बैंक के कै शियर और चार बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि इस पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड इसी विभाग के एक चपरासी का बेटा प्रशांत प्रभाकर फरार चल रहा है। इस घोटाले के सामने आने के बाद पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग अपनी साख को बचाने के लिए लगा हुआ है। विभाग के चपरासी रामप्रसाद के बेटे प्रशांत प्रभाकर का नाम घोटाले में मुख्य आरोपी के रूप में उजागर होने के बाद विभाग की साख को भी बट्टा लग गया है। छात्रवृत्ति घोटाला खुलने के बाद जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी यश कुमार वर्मा ने राम प्रसाद के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को शासन को पत्र लिख लिखा है, जिससे रामप्रसाद की भूमिका की विभागीय जांच शुरू हो सके और उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जा सके। शासन स्तर से रामप्रसाद कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है। रामप्रसाद की तैनाती चूंकि इस समय जिले में नहीं है, इसलिए शासन को पत्र लिखा गया है। यह तथ्य भी गौरतलब है कि पिछले साल समाज कल्याण विभाग में भी इसी तरह का घोटाला सामने आया है, उसमें समाज कल्याण अधिकारी का निलंबन हुआ था। अब पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में यह घोटाला सामने आने से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और समाज कल्याण विभाग आदि से जारी होने वाली छात्रवृत्ति भी संदेह के घेरे में आ गई हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में इन छात्रवृत्तियों से संबंधित पत्रावलियों को गहनता से जांचा जा सकता है। फिलहाल, इस घोटाले के खुलने से सबसे ज्यादा शिक्षा माफिया में खलबली है। छात्रवृत्ति जारी करने वाले विभागों के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों में भी।
और पढ़ें
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें