हाथरस। कुछ अधिकारियों की जेबें साफ कर चुके साइबर अपराधियों की नजर अब शहर एवं देहात के धनाढ्य और बैक खातों में मोटी रकम रखने वाले लोगों पर है। मास्टरमाइंड यह अपराधी अब सीबीएस बैंकों के एटीएम अकाउंटस की साइड हैक करने की फिराक में है। शहर के कुछ लोगों से मोबाइल फोन के जरिये उनके खाता नंबर और एटीएम के बारे में जानकारी की भी गई है, लेकिन इन लोगों ने अपने नंबर इन शातिरों को नहीं बताए।
हाल में ही शातिरों ने कुछ अधिकारियों से बड़ी चालाकी से हजारों की ठगी कर ली और इन अधिकारियों को इसका पता बाद में चला। अब ऐसा ही क्राइम करने की फिराक में यह शातिर लगे हुए हैं। शहर के कुछ लोगों के पास यह कॉल आई कि उनका नंबर लकी है और उनका इनाम लग गया। फोन से उनका खाता नंबर पूछा गया, लेकिन इन लोगों ने आशंका के चलते अपना नंबर नहीं बताया। इसी तरह की कोशिश कुछ लोगों से एटीएम नंबर जानने के लिए भी की गई। इन्हें जानकारी दी गई कि उनका एटीएम लॉक होने वाला है। इसलिए पांच मिनट में एटीएम और खाता नंबर बता दें, ताकि वह रिन्यू हो सके। हालांकि इन लोगों ने भी अपना नंबर नहीं बताया और वह सजग हो गए। वैसे साइबर क्राइम करने वाले यहां किसी बड़ी ठगी के प्रयास में हैं और वह समझ रहे हैं कि जिस तरह से उन्होंने कुछ अधिकारियों को मूर्ख बनाकर उनसे ठगी कर ली तो वह अपने फार्मूलों से धनाढ्य व अन्य सामान्य लोगों को मूर्ख बनाकर उनसे ठगी कर सकते हैं। खेदजनक पहलू यह है कि यहां साइबर क्राइम सैल तो गठित है, लेकिन वह आज तक उसी ठगी का पता नहीं लगा सका है, जोकि अधिकारियों से की गई थी। वैसे इसके लिए ठगी का शिकार बने अधिकारी ज्यादा जिम्मेदार हैं। पिछले दिनों जिले के कुछ अधिकारियों को कमिश्नर व डीएम के नाम से चकमा देकर कुछ अपराधियों ने रकम ऐंठ ली। लेकिन इसके बाद भी यह अधिकारी रिपोर्ट दर्ज करने से आखिर क्यों कतरा रहे हैं। अधिकारियों का इस तरह चुप बैठ जाना जनता के जहन में कई सवाल खडे़ कर रहा है। क्या अधिकारी मुकदमे के डर से रिपोर्ट दर्ज नहीं करा रहे हैं। क्या अधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज न कराने के लिए कोई दबाव बनाया जा रहा है।