सिकंदराराऊ। ब्लॉक प्रमुख प्रभा सिंह के खिलाफ आखिरकार सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव पारित हो ही गया। प्रस्ताव के पक्ष में 45 मत पड़े, जबकि सर्मथन में सिर्फ 5 ही वोट आए। एक वोट कोरा होने के कारण उसे मतगणना में शामिल नहीं किया गया, लेकिन सबसे अहम बात तो यह रही कि ब्लॉक प्रमुख ने अविश्वास प्रस्ताव से दो दिन पूर्व ही अपना इस्तीफा जिला पंचायत अध्यक्ष को सौंप दिया था। इसकी प्रति जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भी भेज दी गई थी, लेकिन प्रशासन ने इसे जानबूझकर छिपाए रखा। इसका खुलासा खुद निवर्तमान प्रमुख प्रभा सिंह ने पत्रकार वार्ता में किया।
सुबह 10 बजे से लेकर ब्लॉक कार्यालय और उसके आसपास गहमागहमी का माहौल रहा। बीडीसी सदस्यों और उनके समर्थकों के अलावा सत्ता पक्ष के नेताओं की भीड़ मतगणना खत्म होने तक वहीं डटी रही। प्रस्ताव पारित होने के बाद सत्ता पक्ष में जश्न का माहौल दिखाई दिया। बता दें कि 50 बीडीसी सदस्यों ने प्रभा सिंह के खिलाफ हलफनामे लगाकर अविश्वास प्रस्ताव की मंाग की थी। जिलाधिकारी ने प्रस्ताव पर मतदान के लिए 6 जनवरी का दिन तय किया था। सोमवार से पहले अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट जुटाने के लिए सपाइयों ने काफी भाग दौड़ की। सत्ता के दवाब का भी पूरा इस्तेमाल किया गया। इसके बाद नतीजा वही हुआ, जिसकी उम्मीद थी। तय तिथि से पूर्व ही सत्ता पक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव फतेह कर लिया। सोमवार को भारी मात्रा में पुलिस और पीएसी फोर्स कैंपस के आसपास तैनात कर दिया गया। प्रस्ताव पारित होने के बाद सपाइयों ने नारेबाजी की और मिठाइयां बांटी।
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