हाथरस। नगला अलिया की रंजिश ने इस विस्फोट को रहस्यमय बना दिया है। विस्फोट में उस गवाह की मौत हो गई, जिसकी गवाही मंगलवार यानि 10 जून को होनी थी। बस मुख्य पेच यहीं फंसा हुआ है। पुलिस हालांकि यही मान रही है कि यह घटना एक हादसा थी, लेकिन हत्या के गवाह की मौत के चलते सभी शवों का वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराया गया। फोरेंसिक जांच भी कराई गई। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच में अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि बम विस्फोट में यह मौतें हुई हैं। पिछले साल नगला अलिया के एक युवक नीटू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके बाद वहां जलेसर रोड पर जाम लगा था और खासा हंगामा हुआ था। तब से दो पक्षों में रंजिश चल रही है। एक पक्ष पर दूसरे पक्ष ने बीच में जानलेवा हमला किया था और उस दौरान वह पक्ष बाल-बाल बचा था। अब जिस सुभाष की इस घटना में मौत हुई, वह नीटू हत्याकांड का गवाह था। इस मामले में तारीख भी मंगलवार यानि आज है। बस इस मामले को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस भी इसकी जानकारी मिलने के बाद हरकत में आई। शवों का वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराया गया। फोरेसिंक जांच को टीम बुलाई गई। वैसे घटना किसी भी तरह हुई हो, लेकिन रंजिश में तिहरे हत्याकांड का मुकदमा जरूर कायम हो गया है।