हाथरस। ईद के बाद से परिवहन निगम लगातार बसों में लोड फैक्टर के लिए जूझ रहा है। तमाम प्रयासों के बाद भी बसें खाली दौड़ रही हैं। सवारियों के अधिक संख्या में न आने से हाथरस डिपो को करीब एक लाख रुपए प्रतिदिन का घाटा सहन करना पड़ रहा है। इससे अफसर चिंतित बने हुए हैं।
ईद के बाद से रोडवेज बसों से सवारियां ऐसी गायब हुई हैं, कि दुबारा से बसों में आने का नाम नहीं ले रहीं। सुबह से शाम तक बसें खाली दौड़ रही हैं। यह स्थिति सिर्फ हाथरस डिपो की नहीं, बल्कि अन्य डिपो की बसों की भी बनी हुई है। लोकल रूटों के अलावा लंबे रूट पर भी सवारियां न मिलने से चालक-परिचालकों में भी निराशा बनी हुई है। बसस्टेशन पर बसों को काफी देर तक खड़ा रखने के बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। लोड फैक्टर को पूरा करने के लिए बस परिचालक बसस्टेशनों के अलावा विभिन्न चौराहों तिराहों व बीच रास्ते में मिलने वाली सवारियों को भी मजबूरी में सफर करा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक बसों में यात्रियों की पर्याप्त संख्या न होने से हाथरस डिपो को प्रतिदिन करीब एक लाख रुपये का घाटा सहन करना पड़ रहा है। डिपो को इस घाटे की भरपाई रक्षाबंधन पर्व से पूरी होने की उम्मीद है। रक्षाबंधन से दो तीन दिन पहले ही सवारियाें का भारी संख्या में आवागमन शुरू हो जाएगा। जिससे इस पर्व को भुनाकर घाटे को पूरा किया जा सकेगा। रोडवेज बस स्टेशन प्रभारी बीरी सिंह ने बताया कि अनुमानित रोजाना करीब 1 लाख रुपये के घाटे में डिपो है। रक्षाबंधन पर इस घाटे की भरपाई की उम्मीद है।