हाथरस। प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की जिले में खुलेआम बिक्री हो रही है। इसका नमूना मंगलवार की देर रात एसडीएम को छापे में देखने को मिला। एसडीएम ने शहर की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी पर छापा मारकर पांच कॉटूर्न ऑक्सीटोसिन बरामद किया है। मौके पर ट्रांसपोर्ट कंपनी का मालिक तो नहीं मिला, लेकिन एसडीएम के साथ गई पुलिस ने उसके नौकर को अपनी हिरासत में ले लिया। कार्रवाई से ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप मच गया है।
एसडीएम सदर मदनचंद्र दुबे को गोपनीय सूचना मिली थी कि शहर के सादाबाद गेट स्थित जग्गी ट्रांसपोर्ट कंपनी से प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की सप्लाई हो रही है। सूचना पर एसडीएम दलबल के साथ वहां पहुंच गए। छापे से पहले ही ट्रांसपोर्ट कंपनी का मालिक वहां से गायब हो गया, लेकिन छानबीन में एसडीएम को वहां से पांच कार्टून ऑक्सीटोसिन मिला। मौके से ट्रांसपोर्ट कंपनी के नौकर को भी हिरासत में ले लिया गया। एसडीएम ने इसे अपने कब्जे में ले लिया और इस माल को नौकर समेत कोतवाली ले आए। नौकर ने बताया कि यह ऑक्सीटोसिन जलेसर ले जाया जा रहा था। यह ऑक्सीटोसिन आया कहां से था और किसके यहां भेजा जा रहा था। इन सवालों के जवाब नौकर के पास नहीं थे। इस मामले में एसडीएम ने ट्रांसपोर्ट मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश कोतवाली पुलिस को दिए थे। छापेमारी में ऑक्सीटोसिन की बरामदगी से यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि आखिर पाबंदी के बावजूद यह खतरनाक इंजेक्शन आ कहां से रहा है और कौन इसे यहां सप्लाई कर रहा है। सप्लाई करने वाले इसे कहां से ला रहे हैं। छानबीन में इन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे। एसडीएम मदनचंद्र दुबे का कहना है कि इस स्टाक की बारीकी से जांच कराई जाएगी। जिन लोगों ने भी यह स्टाक भेजा होगा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराके जेल भेजा जाएगा। ऑक्सीटोसिन ऐसी वैक्सीन का नाम है, जिसका इस्तेमाल पशुओं से ज्यादा दूध लेने के लिए खासतौर पर किया जाता है। इसके अलावा लौकी, तोरई, काशीफल, बैंगन व अन्य सब्जियों को वक्त से पहले पकाने और फुलाने के लिए भी इस इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है।