हाथरस। जमीनों के बढे़ हुए सर्किल रेट मंगलवार की देर रात से लागू हो जाएंगे। इससे पहले डीएम के आदेश पर सहायक महानिरीक्षक स्टांप के दफ्तर में वकीलों और कातिबों की आपत्तियों व सुझावों की सुनवाई हुई। कई बड़ी आपत्तियों को एआईजी ने मान लिया और उसके हिसाब से रेट लिस्ट को संशोधित करने का भरोसा भी दिया। एआईजी ने 17 में से ज्यादातर आपत्तियां स्वीकार कर लीं। आपत्तियाें पर करीब दो घंटे तक जमकर बहस चली।
तहसील परिसर स्थित एआईजी के दफ्तर में सुबह से ही आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने के लिए वकीलों व कातिबों का तांता लगा हुआ था। दोपहर 12 बजे से एआईजी ने आपत्तियों की सुनवाई शुरू की। प्रस्तावित सर्किल रेट लिस्ट पर कुल 17 आपत्तियां मिली थीं। जिन सिलसिलेवार एआईजी ने वकीलों व कातिबों का पक्ष सुना। कुछ आपत्तियों को तो उन्होंने खुद ही जायज मानते हुए इसके हिसाब से लिस्ट में संशोधन का आश्वासन दिया, जबकि कुछ पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। उनसे कहा कि डीएम से विचार-विमर्श के बाद इन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वकील व कातिबों के दबाव में मलिन बस्तियों व कम उपयोगी आबादियों के सर्किल रेट में भारी कमी की गई, जबकि कुछ जगहों के रेट कम करने पर सहमति नहीं बन पाई। लाल वाला पेंच के सर्किल रेट पर मधुशंकर अग्रवाल ने आपत्ति दर्ज कराई। गांव रघनियां के ग्रामीणों ने सुनील शर्मा बंटी के नेतृत्व में एआईजी से मिलकर स्टांप सर्किल रेट में कमी की मांग उठाई। सड़क से तीन किमी अंदर बसे इस गांव का सर्किल रेट विभाग ने 12 लाख से बढ़ाकर 40 से 60 लाख रुपये प्रति बीघा तक कर दिया, लेकिन ग्रामीणों की आपत्ति सुनने के बाद इसे 30 लाख रुपये प्रति बीघा करने पर सहमति बन गई। मिलने वालों में सुदर्शन शर्मा एडवोकेट, राममोहन उपाध्याय, रामकिशन उपाध्याय, श्यामसुंदर सूर्यवंशी, अतीश कुमार, मुकेश कुमार, मनीष कुमार आदि अनेक लोग शामिल थे। आपत्तियों के निस्तारण की रिपोर्ट के साथ देर शाम एआईजी स्टांप को डीएम ने तलब कर लिया। देर रात तक डीएम की मौजूदगी में सर्किल रेट लिस्ट को आपत्तियों के हिसाब से संशोधित करने पर माथापच्ची चल रही थी। हालांकि प्रशासन की योजना तो 20 जुलाई से नई लिस्ट लागू करने की थी, लेकिन शासन के दबाव को देखते हुए इसे मंगलवार की रात से ही लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी थी। नई सर्किल रेट लिस्ट लागू होने से पहले मंगलवार को भी उपनिबंधक दफ्तर में बैनामे व रजिस्ट्री कराने वालों का तांता लगा रहा। यहां आए हर शख्स की कोशिश पुरानी स्टांप दरों पर ही संपत्तियों की लिखा-पढ़ी कराने की थी। हर काउंटर पर बैनामे वालों की भीड़ लगी रही और स्टांप दफ्तर का स्टाफ भीड़ से घिरा नजर आया। आधी रात से नई लिस्ट लागू होने की संभावना के मद्देनजर यहां देर रात तक बैनामे व रजिस्ट्री कराने वालों का तांता लगा रहा। यहां दिन भर में बैनामों का आंकड़ा 100 के भी पार पहुंच चुका था।