हाथरस। एक विवाहिता अपने प्रेमी के साथ भाग गई और सजा भुगतनी पड़ी बेचारे पति को। महिला के मायके वालों के रिपोर्ट के बाद पुलिस ने युवक को जेल भेज दिया था। पुलिस ने इस चर्चित मामले में अब उक्त विवाहिता के प्रेमी को पकड़ कर महिला को बरामद कर लिया है। पूरा का पूरा मामला किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है।
शहर के कंचन नगर निवासी अभिषेक अग्रवाल पुत्र अशोक अग्रवाल की शादी 31 अप्रैल, 2012 को भावना निवासी सोंख रोड मंडी चौराहा मथुरा के साथ हुई थी। एक जून को अभिषेक अपनी पत्नी और कुछ मित्रों के साथ वैष्णो देवी गया था। ये लोग 3 जून को कटरा (जम्मू) में ठहरे। इसी बीच रात में भावना एकाएक लापता हो गई। इससे इन लोगों में खलबली मच गई। अभिषेक ने अपनी पत्नी की गुमशुदगी वहीं दर्ज कराई तथा उसे तलाशा भी, लेकिन वह नहीं मिली। मामले ने दूसरा मोड़ उस समय ले लिया जब भावना के पिता मुरारीलाल ने 13 जून को कोतवाली हाथरस में अभिषेक सहित छह लोगों के खिलाफ यह रिपोर्ट दर्ज करा दी गई कि उसकी बेटी को ये लोग दहेज के लिए परेशान करते थे। इसी कारण इन लोगोें ने उसकी बेटी को गायब कर दिया। पुलिस ने इस मामले में अभिषेक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अभिषेक अभी तक जेल में ही है। इस कांड से पूरा पर्दा अब बुधवार को उठा। पुलिस ने एक युवक राजवीर सिंह निवासी सोंख रोड मंडी चौराहा मथुरा को पकड़ कर उससे पूछताछ के बाद इस विवाहिता को भी जवाहर नगर भरतपुर से बरामद कर लिया। राजवीर ने पुलिस को जो कुछ बताया वह किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है। सीओ सिटी आरपी सिंह के मुताबिक, राजवीर सिंह और भावना में चार साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। भावना राजवीर के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने के लिए उसके घर जाती थी। भावना ने यह नहीं देखा कि राजवीर तीन बच्चों का बाप है और उम्र में उससे काफी बड़ा है। इतना ही नहीं, भावना और राजवीर ने एक मंदिर में जाकर शादी भी कर ली। इसी बीच परिजनों के दबाव में भावना की शादी अभिषेक से हो गई। शादी के बाद भी भावना के सिर से इश्क का भूत नहीं उतरा। उसने अपने प्रेमी राजवीर से मिलने के लिए एक योजना बनाई। इसी योजना के तहत कटरा से भावना अपने पति को सोता छोड़कर वहां से भाग गई। वहां राजवीर पहले से ही मौजूद था। दोनों वहां से भागकर भरतपुर पहुंच गए और पति-पत्नी की तरह रहने लगे। वहीं दूसरी ओर शादी की सजा अभिषेक ने जेल जाकर भुगती। अब पूरे मामले का खुलासा करने के बाद पुलिस कोर्ट में भावना को पेश करेगी।
बिचौलिये ने जब मारे अपने सिर पर जूते अभिषेक की पत्नी की बरामदगी के बाद जब पूरा मामला खुला तो उस समय कोतवाली में दृश्य देखने लायक हो गया, जब इस शादी को कराने वाले बिचौलिये ने खुद अपने सिर में जूते मारने शुरू कर दिए। उसका कहना था कि उसे यह नहीं मालूम था कि विवाहिता ऐसी निकलेगी।