पूर्व माध्यमिक विद्यालय गढ़ी परती के विद्यार्थी।
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सहायक अध्यापक राजन चड्ढा पूर्व माध्यमिक विद्यालय गढ़ी परती को अपने निजी प्रयासों से कान्वेंट स्तर का स्कूल बना चुके हैं। वह स्कूल टाइम के बाद भी स्कूल के बच्चों को ही नहीं गांव के अन्य बच्चों के लिए भी स्कूल में कंपटीशन की तैयारी कराते हैं।
जिससे यह बच्चे अपना भविष्य संवार सके। विद्यार्थियों के लिए इन्होंने कंप्यूटर लैब तैयार की है।
उन्होंने विद्यालय के भवन की रंगाई-पुताई, फूलों के पेड़ के साथ सौंदर्यीकरण भी कराया है। स्कूल ड्रेस के ऊपर कान्वेंट के बच्चों की तरह गले में लटके परिचय पत्र से बच्चों में गजब का अनुशासन भी दिखाई देता है।
वैसे तो राजन चड्डा की इस विद्यालय में तैनाती 2007 में ही हो चुकी थी। लेकिन उसके बाद से उनकी विभागीय अधिकारियों ने लंबे समय तक बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं जिलाधिकारी कार्यालय में चुनाव आदि के दौरान तैनाती रखी। जिससे वह विद्यालय में तीन वर्ष ही शिक्षण कार्य के लिए पहुुंच सके।
विद्यालय पहुंचने के बाद से ही उन्होंने ब्लॉक हाथरस के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गढ़ी परती को एक आदर्श विद्यालय के रूप में स्थापित करने के प्रयास शुरू कर दिए। ग्रामीणों का भी उनको लगातार अच्छा समर्थन प्राप्त हो रहा है। इस विद्यालय में उनके प्रयासों से लगातार विद्यार्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है।
मौजूदा समय में इस विद्यालय में 67 विद्यार्थियों के एडमिशन हैं, जो नियमित रूप से विद्यालय भी आते हैं। स्कूलों के भवन व अन्य संसाधनाें की सुरक्षा के लिए उन्होंने अपने निजी स्तर से प्रयास किए। जिसको पुलिस एवं विभागीय अधिकारियों का भी समर्थन मिला। उनका प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्र के संसाधन विहीन युवाओं की अच्छी शिक्षा के लिए वह इस विद्यालय को अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित करें।
जिससे ग्रामीण प्रतिभाएं अपना शैक्षिक विकास कर सके। शिक्षक का प्रयास है कि वह अपने इन कार्यों को प्रचार प्रसार से दूर रखकर युवाओं की मदद कर सके।