मैगलगंज।
औरंगाबाद-बरबर मार्ग पर चपरतला मोड़ के पास मंगलवार देर रात हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले रहजनिया गांव निवासी संदीप (30) पुत्र तालेभर और हरिओम (35) पुत्र नत्थू चचेरे भाई थे। बुधवार को दोनों के शव गांव पहुंचते ही मातम छा गया। पुलिस की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार कराया गया।
मंगलवार रात चपरतला मोड़ के पास पलटे कोयला लदे ट्रक से दूसरे ट्रक में कोयला लोड किया जा रहा था। इसी दौरान औरंगाबाद की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर मजदूरों के बीच जा घुसी। हादसे में संदीप और हरिओम की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए शव रखकर हाईवे जाम कर दिया। सूचना पर कई थानों की पुलिस और सीओ मितौली यादवेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। सीओ के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद दिलाने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, दोनों मृतक खेती-किसानी के साथ दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। संदीप अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसके परिवार में पत्नी रानी, आठ वर्षीय पुत्री अवनी और पांच वर्षीय पुत्र ऋषभ हैं। हरिओम की पत्नी संगीता और तीन छोटे बच्चों को रो-रोकर बुरा हाल है।
कार चालक की तलाश में पुलिस
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना में शामिल कार मितौली क्षेत्र के बच्छेलाल के नाम पंजीकृत है। हादसे के समय कार कौन चला रहा था, इसकी जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक से टक्कर के बाद कार के एयरबैग खुल गए, जिससे उसमें सवार लोगों को गंभीर चोट नहीं आई और वे मौके से भाग गए। मैगलगंज कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि कार कब्जे में ले ली गई है। रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अंधा मोड़ बना हादसे का कारण
स्थानीय लोगों का कहना है कि चपरतला मोड़ पर तीव्र अंधा मोड़ है। वहां चेतावनी संकेतक बोर्ड और रेडियम पट्टियां नहीं लगी हैं, जिससे वाहन चालकों को मोड़ का अंदाजा नहीं लग पाता। ग्रामीणों के अनुसार जिस कोयला लदे ट्रक से कोयला उतारा जा रहा था, वह भी दो दिन पहले इसी मोड़ पर पलटा था। लोगों का कहना है कि यदि सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होते तो हादसा बच सकता था।