जनपद में तीन बालिका छात्रावास का निर्माण पूर्ण हो चुका है, लेकिन हाल ही में शुरू होने वाली नवीन शैक्षिक सत्र से बालिकाओं को इन छात्रावासों का लाभ मिल पाना संभव नहीं लग रहा है, क्योंकि छात्रावासों के भवन का निर्माण कार्य तो पूर्ण हो गया है और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इनको हैंडओवर भी कर लिया है, लेकिन अभी तक इन छात्रावासों के संचालन के संबंध में शासन से कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
जनपद में बालिकाओं की सुविधा के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग का एक भी छात्रावास नहीं है। बालिकाओं की सुविधा के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जनपद के चार विभिन्न स्थानों तालबेहट, महरौनी, जखौरा और कल्यानपुरा में बालिका छात्रावास का निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव भेजा था, जिसको शासन से स्वीकृति मिल गई थी। प्रत्येक छात्रावास के निर्माण के लिए शासन से 1.70 करोड़ रुपये की धनराशि निर्धारित की गई थी। वर्ष 2010-11 में स्वीकृत हुए तालबेहट महरौनी और जखौरा में बनाए जा रहे बालिका छात्रावास का निर्माण कराने के लिए यूपीपीसीएल को कार्यदायी संस्था नामित किया था। चार वर्ष के बाद करीब 5.10 करोड़ की लागत से उक्त तीनों छात्रावासों का निर्माण कार्यपूर्ण हो चुका है और माध्यमिक शिक्षा विभाग के द्वारा हाल ही में विगत 31 मई को इन छात्रावासों का हस्तांतरण भी कर लिया गया है। यह तो जनपद का दुर्भाग्य ही होगा कि पहले तो छात्राओं के छात्रावास नहीं थे, लेकिन करोड़ों रुपए खर्च करके निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के बाद भी बालिकाओं को इनका लाभ नहीं मिल सकेगा। अब तक शासन ने इन छात्रावासों के संचालन व इनमें तैनात स्टॉफ की नियुक्ती के संबंध में कोई शासनादेश जारी नहीं किया है। आगामी एक जुलाई से नवीन शैक्षिक सत्र शुरू होना है, यदि इस बीच शासन से कोई व्यवस्था नहीं की जाती है तो छात्राओं को इनका लाभ नहीं मिल सकेगा।
इन छात्राओं को मिलेेगा छात्रावास का लाभ
शासन ने छात्रावास के संचालन संबंधित शासनादेश भले ही जारी नहीं किया है, लेकिन यह निर्धारित है कि इन छात्रावासों का किन बालिकाओं को लाभ दिया जाना है। इन छात्रावासों में केवल कक्षा 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को ही प्रवेश मिलेगा, इनकी उम्र भी 14 से 18 वर्ष तक ही होनी चाहिए। प्रत्येक छात्रावास में अधिकतम 100 छात्राओं को रखने की व्यवस्था है। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक व पीपीएल परिवारों से संबंधित 50 प्रतिशत छात्राएं होगी। इसके अलावा छात्रावास आवंटन में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की कक्षा आठ पास छात्राओं को वरीयता दी जाएगी।
कल्यानपुरा का छात्रावास अभी अधूरा
जनपद में कुल चार बालिका छात्रावासों का निर्माण कराया जाना था, इनमें से तीन छात्रावासों का निर्माण तो पूर्ण हो चुका है और विभाग ने उनको हैंडओवर भी कर लिया है। लेकिन ग्राम कल्याणपुरा में बनाया जाने वाले छात्रावास अभी तक पूर्ण नहीं हो सका है। इसका निर्माण कार्यदायी संस्था समाज कल्याण विभाग द्वारा कराया जा रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार इस भवन में फर्श व प्लास्टर का कार्य तो पूर्ण हो चुका है, लेकिन फिनेसिंग का कार्य अभी अधूरा है। छात्रावास का निर्माण अन्य तीन छात्रावासों की भांति 1.70 करोड़ रुपये से ही कराया जाना है। कुल धनराशि के सापेक्ष शासन से मात्र 1.13 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हो सकती है। शेष धनराशि उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य पूर्ण हो सकेगा।
शासन से नहीं मिले दिशा-निर्देश
तीन छात्रावासों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन इनको संचालन के संबंध में अभी तक कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए है। विभागीय स्तर पर छात्रावास में बालिकाओं के प्रवेश लेने की तैयारियां तो पूर्ण है, लेकिन इनको संचालन के लिए स्टाफ व संस्था अभी तय नहीं हो सकी है।
- आरपी वर्मा
जिला विद्यालय निरीक्षक, ललितपुर।