बिजली विभाग में गायब चल रहे करीब 3600 विद्युत कनेक्शन का बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा पता लगाया जाएगा, ताकि उन पर चल रहा लाखों रुपए की बकाएदारी की वसूली की जा सके या फिर इन कनैक्शनों को खत्म किया जाएगा। विभाग द्वारा हर माह 900 कनैक्शन खोजने और चार माह में सभी कनेक्शनों की जांच कराने का निर्णय लिया है।
विद्युत विभाग द्वारा शहर में जारी किए विद्युत कनैक्शनों के आधार पर करीब 25 हजार विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा बिजली का उपभोग किया जा रहा है। जिन्हें विभाग द्वारा हर माह मीटर रीडरों के माध्यम से विद्युत बिल जारी किए जाते हैं। लेकिन विद्युत विभाग में बहुत से विद्युत कनेक्शन ऐसे हैं, जो नये मकान बनने या अन्य कारणों के चलते मौके पर अब स्थित नहीं है। जबकि विभाग में यह कनेक्शन दर्ज चले आ रहे हैं। ऐसे कनेक्शनों की कई बार जांच कराए जाने या खोजने पर भी नहीं मिल सके हैं। लेकिन गत एक दिसंबर को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा ने निरीक्षण के दौरान विद्युत विभाग के अधिकारियों को उक्त सभी कनेक्शनों की दोबारा जांच कर खोजने और ऐसे कनेक्शनों के मिलने पर राजस्व वसूलने के आदेश दिए थे। जिस पर अब विद्युत विभाग अधिकारियों ने विद्युत लाइनमैन व मीटर रीडरों की मदद से यह 3600 कनेक्शन फिर से खोजने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग द्वारा हर माह ऐसे गायब 900 विद्युत कनेक्शनों की सूची मास्टर डाटा से निकालकर अभियान चलाकर खोज की जाएगी। यह कनेक्शन यदि मिल जाते हैं, तो विभाग द्वारा उनसे राजस्व वसूल किया जाएगा और यदि यह मौके पर नहीं मिलते हैं तो अवर अभियंता की टीम द्वारा दोबारा जांच कर इन गायब कनेक्शनों को खत्म करने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
मीटर रीडरों की मदद से खोजेंगे गायब कनेक्शन
विभाग में दर्शाए जा रहे 3600 गायब कनेक्शनों की सूची तैयार की जा रही है। अवर अभियंताओं की देखरेख में मीटर रीडरों से हर माह 900 कनेक्शनों की जांच कराई जाएगी। मौके पर का पता नहीं लगने पर ऐसे कनेक्शनों को विभागीय स्तर पर खत्म किया जाएगा।
अखिलेश कुमार वर्मा, उपखंड अधिकारी, प्रथम विद्युत।