मैनपुरी। आए दिन शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच से शिक्षा मित्र आजिज आ चुके हैं। बिना किसी आदेश के कुछ बीआरसी केंद्रों पर इनकी जांच की जा रही है। यही नहीं, प्रथम सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम आने के बाद अंक पत्र देने के नाम पर शिक्षा मित्रों से रुपये वसूले जाने की भी शिकायतें मिल रहीं हैं। शिक्षा मित्रों का आरोप है कि प्रमाण पत्रों की जांच और अंकपत्र के नाम पर उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षा मित्रों को जब से पत्राचार के माध्यम से दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है, तब से रोज उनके प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है। बीआरसी केंद्रों पर शिक्षा मित्रों की पत्रावलियां जमा करने के नाम पर उनसे धनराशि की मांग एबीआरसी द्वारा की जा रही है। एक शिक्षा मित्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रशिक्षण के बाद नियमित तैनाती मिलने से पूर्व उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है। अंकपत्र और प्रमाण पत्रों की जांच के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं। अब पत्रावलियां जमा करने के नाम पर भी सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है।
गौरतलब है कि बीएसए वीपी सिंह यादव द्वारा शिक्षा मित्रों की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंक पत्र और प्रमाण पत्रों के बोर्ड द्वारा सत्यापन कराए जाने के लिए पत्रावलियां मांगी गई हैं। इसके बाद बीआरसी केंद्रों पर शिक्षा मित्रों को शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच के नाम पर सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है। आदर्श वेलफेयर शिक्षा मित्र संघ के विनीत कुमार, सुरजन यादव, राघव चौहान, राम प्रवेश यादव, विशाल चौहान, नीरज यादव, सर्वेंद्र चौहान, कमलेश कुमार आदि ने डीएम से शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच आदि के नाम पर शिक्षा मित्रों से की जाने वाली अवैध वसूली पर रोक लगाए जाने की मांग की है। डीएम विजय विश्वास पंत ने बीएसए को अवैध वसूली पर रोक लगाए जाने के निर्देश दिए हैं।