मैनपुरी। एक दलित रिक्शा चालक की बेटी को दो हजार रुपये में खरीदने वाले किन्नर को पुलिस ने दबोचा लिया है। बालिका को बेचने वाला दूसरा रिक्शा चालक पहले से ही पुलिस की गिरफ्त में है। किन्नर ने पूछताछ में बालिका को खरीदने से और पुलिस हिरासत में मौजूद रिक्शा चालक बालिका को बेचने से मुकर गया है। पुलिस ने बालिका के पिता की तहरीर पर रिक्शा चालक और किन्नर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
नटराज होटल वाली गली निवासी रिक्शा चालक अशोक जाटव की छह साल की पुत्री रोशनी को 24 सितंबर को उसके साथी रिक्शा चालक प्रमोद कुमार पुत्र रामेश्वर निवासी हिंदपुरम कालोनी ने उस समय अगवा कर लिया था, जब वह गली के ही आंगनबाड़ी केंद्र से घर आ रही थी। रोशनी कक्षा एक की छात्रा है। अशोक ने तलाश के बाद प्रमोद को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। प्रमोद ने उस वक्त पुलिस को बताया था कि उसने रोशनी को किन्नर पिंकी निवासी नगला पाई को दो हजार रुपये में बेच दिया है और दो सौ रुपये पेशगी के लिए हैं।
पुलिस ने रविवार को किन्नर पिंकी को भी दबोच लिया। पुलिस ने पूछताछ की तो पिंकी ने रोशनी को खरीदने की बात से साफ मना कर दिया। उसका कहना है कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। पिंकी को दबोचने के बाद जब पुलिस ने प्रमोद से पूछताछ की तो वह भी पहले के बयान से मुकर गया। पुलिस अब पशोपेश में है। अशोक की तहरीर पर पुलिस ने प्रमोद और किन्नर पिंकी के विरुद्ध रोशनी को अगवा कर गायब कर देने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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पुलिस हिरासत में मौजूद रिक्शा चालक प्रमोद और किन्नर पिंकी से अलग-अलग पुलिस की टीमों ने पूछताछ की है। दोनों ने विरोधाभासी बातें बताई हैं। रोशनी के पिता द्वारा शक जाहिर किए जाने पर रोशनी को बरामद करने के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं। शीघ्र ही रोशनी को बरामद कर लिया जाएगा।
- आलोक सिंह, सीओ सिटी