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वनवासी महिलाओं के दुपट्टे उतरवाना अपराध

Mainpuri Updated Mon, 29 Oct 2012 12:00 PM IST
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भोगांव। ताज महल पर रामनामी दुपट्टे को उतरवाने को लेकर नगर के आर्य समाज मंदिर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि इससे वनवासी बहनों का ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का अपमान हुआ है। यह हिंदू धर्म और पूरे समाज पर गंभीर आघात है।
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रविवार को नगर के आर्य समाज मंदिर में आयोजित बैठक में नगर आर्य समाज प्रमुख विष्णु मित्र ने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम का दुपट्टा उतरवाना गंभीर अपराध है। भगवान श्रीराम केवल हिंदुओं के ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के एकता एवं आदर्श के प्रतीक हैं। वनवासी समाज के भाई बहन आगरा में एक सत्संग में शामिल होने पहुंचे थे। कुछ बहनें ताज महल देखने के लिए अपनी वेशभूषा में पहुंची थीं। वहां सीआईएसएफ ने उनके दुपट्टे उतरवा दिए। यह कृत्य सरासर अपमान है। इसकी सजा दोषी जवानों को मिलनी चाहिए।
आचार्य रघुनंदन सिंह ने कहा कि वनवासी महिलाओं के दुपट्टे उतरवाना अपराध है। इतना सब कुछ होने के बाद भी केंद्र और प्रदेश सरकार अपनी आंखें बंद किए हुए है। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए प्रदेश सरकार से कड़ी कार्रवाई की करने की मांग की। चंद्रकुमार यादव ने दोषी जवानों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। इस मौके पर गोपाल दास लोधी, रवींद्र प्रताप सिंह चौहान, श्रीचंद्र वर्मा, राजकुमार वर्मा, श्याम सिंह शाक्य, जयसिंह शाक्य, योगेश यादव, वीरेंद्र शर्मा, विद्या स्वरूप सक्सेना, आनंद अवस्थी आदि ने घटना की निंदा करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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