मथुरा। कुख्यात ब्रजेश मावी के कत्ल की पूरी कहानी ही उलझ गई है। मथुरा पुलिस द्वारा हाथरस में राजेश टौंटा के घर, गांव और ट्यूबवेल पर दी गई दबिश में हत्या के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। मामले का सच जानने के लिए आगरा के फोरेंसिक विशेषज्ञोें का सहारा लिया जा रहा है।
हिस्ट्रीशीटर ब्रजेश मावी की 10 सितंबर को हाथरस में हत्या कर शव फेंकने का सीधा आरोप अपराधी राजेश टोंटा पर है। इसी घटनाक्रम में मथुरा के भाजपा नेता प्रमोद चौधरी और गोपाल यादव को बंधक बनाया गया था। रविवार शाम को एसएसपी मंजिल सैनी, एसपी क्राइम अशोक कुमार रॉय और अन्य अधिकारी मथुरा से हाथरस दबिश के लिए गए। पुलिस ने राजेश के पूरे घर की तलाशी ली और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। लेकिन ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले जिससे यह पता चले कि ब्रजेश की हत्या राजेश टोंटा के घर की गई है। इसके बाद पुलिस ने राजेश के गांव नगला पीहरी स्थित उसके मकान और ट्यूबवेल पर दबिश दी लेकिन वहां भी हाथ खाली रहे। इसके अलावा प्रमोद चौधरी और गोपाल यादव के साथ गांव गीगला से लेकर नगला इमली तक आठ किलोमीटर जंगल मेें ट्यूबवेल छान मारे, लेकिन प्रमोद चौधरी और गोपाल ने यह तस्दीक नहीं किया कि उन्हेें इस ट्यूबवेल पर बंधक बनाकर रखा गया था।
इन सब बातों को देखते हुए ब्रजेश की हत्या पहेली बन गई है। बिना सबूत के पुलिस यह मानने को तैयार नहीं कि ब्रजेश मावी की हत्या हो चुकी है।
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अभी दर्ज नहीं हुई हत्या की रिपोर्ट
मथुरा। भाजपा नेता प्रमोद चौधरी और गोपाल यादव की बातों पर पुलिस अभी पूरा भरोसा नहीं कर रही है। इसलिए जरायम से जुड़े सवालों और सबूत न मिल पाने के कारण पुलिस ने राजेश टोंटा के खिलाफ ब्रजेश मावी की हत्या की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। मामले में अब तक विनोद चौधरी की तहरीर पर गुमशुदगी के बाद अपहरण और प्रमोद व गोपाल की बरामदगी की फर्द बनाई गई है। इधर ब्रजेश के पिता ने भी राजेश टोंटा के खिलाफ शिकायत नहीं की है। गोपाल यादव को राजेश टोंटा द्वारा दी गई ब्रजेश की चेन, अंगूठी और 8500 रुपये पुलिस ने ब्रजेश के पिता को दे दिए हैं।
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खून नहीं मिला तो फर्श उखाड़ जांच को भेजा
मथुरा। फोरेंसिक टीम ने प्रमोद और गोपाल के बताए स्थान पर केमिकल स्प्रे कर रक्त के निशान खोजे लेकिन रक्त के अंश नहीं मिले। तीसरी बार में एसएसपी ने छत पर भी स्प्रे कराया तो वहां भी ग्रीन स्पॉट ही मिले। इस पर एसएसपी ने आईजी से बात कर आगरा फोरेंसिक टीम भिजवाने को कहा। साथ ही घर से फर्श का टुकड़ा खोदकर फारेंसिक जांच के लिए भेजा।
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प्रमोद-गोपाल की जांच नशीले पदार्थ की पुष्टि नहीं
मथुरा। भाजपा नेता प्रमोद चौधरी और गोपाल यादव को बंधक बनाने के दौरान नशे की गोलियां खिलाने की मेडिकल जांच में पुष्टि नहीं हुई है। एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया है कि बेहोश रखने की सत्यता जानने के लिए दोनों के ब्लड सैंपल लिए जाएंगे और कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे।
‘जब तक हत्या का कोई सबूत नहीं मिलता, मानना मुश्किल है कि ब्रजेश मावी की हत्या की गई है। प्रमोद और गोपाल की बातों पर भरोसा कर पुलिस की पांच टीमें लगाई हैं। जो राजेश की गिरफ्तारी और ब्रजेश का शव बरामद करने का प्रयास कर रहीं हैं।’
मंजिल सैनी
एसएसपी, मथुरा