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सूफी गायन को लेकर बढ़ी है लोगों की रूचि

अमर उजाला वृंदावन Updated Sat, 10 Sep 2016 12:10 AM IST
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ममता जोशी - फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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स्वामी हरिदास संगीत एवं नृत्य महोत्सव में भाग लेने आईं प्रख्यात सूफी गायक डा. ममता जोशी ने कहा कि सूफी गायन भारतीय संगीत में रचा बसा है। सूफी गायन को लेकर पहले से कहीं अधिक लोगों की रुचि बढ़ी है। यह अल्लाह की बंदगी का एक माध्यम है। भगवान राधाकृष्ण की प्रेम भूमि में सूफी गायन की प्रस्तुति देना अपने आप में अलग एहसास है। साथ ही संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास की साधना स्थली पर संगीत की प्रस्तुति का मौका किसी पुरस्कार से कम नहीं।
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विश्व में है भारतीय संगीत कला का दबदबा
प्रख्यात तबला वादक गौतमधर ने कहा कि भारतीय संगीत कला का पूरे विश्व में कोई मुकाबला नहीं है। गायन, वादन और नृत्य की त्रिवेणी से बनी भारतीय संगीत कला के संरक्षण और संवर्धन के लिए व्यापक प्रयास होने चाहिए। संगीत के क्षेत्र में नए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी और गैर सरकारी दोनों स्तर पर मदद मिले। मैं खुद गरीब और असहाय वर्ग के 25 से अधिक बच्चों को तबला वादन का प्रशिक्षण दे रहा हूं। उन्हीं 25 बच्चों में से 11 ने यहां भी प्रस्तुति दी। 



भारतीय संगीत का अंग है काव्य पाठ
 वीर रस के जाने-माने कवि मनवीर मधुर ने कहा कि काव्य प्रस्तुति भी भारतीय संगीत कला का एक अहम अंग है। आज भारतीय कविता के चाहने वाले पूरे विश्व में हैं। स्वामी हरिदास एक उच्च श्रेणी के कवि थे। वह सदैव संगीतकारों और कवियों के लिए प्रेरणा श्रोत रहेंगे।
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