मऊ। लोकतंत्र के उत्सव में पहली बारा शामिल होने जा रहे जिले के युवाओं में मतदान को लेकर खासा उत्साह है। वे अपना मतदान जिले के विकास के सवाल पर करने का मन बनाए हुए हैं। नारों, वादों और हाईटेक प्रचार के बजाय ढांचागत विकास को तरजीह देने वालों को देश की सबसे बड़ी पंचायत में भेजना चाहते हैं। इसके लिए इन नए मतदाताओं में अपने तर्क भी हैं और आकांक्षाएं भी। शनिवार को जब कुछ ऐसे युवा और युवतियों से अमर उजाला ने राय जानने की कोशिश की तो उन्होंने बेबाकी से अपनी रायशुमारी की।
परदहां निवासी नाजमीन बानो का कहना है कि आज चाहे युवा हो या फिर बुजुर्ग सभी को वादों और नारों से दूर रहकर विकास की बात करने वाले जनप्रतिनिधि को चुनना चाहिए। यदि लोक लुभावन नारो और वादों में फंसकर किसी ने भूल की तो फिर पांच वर्षों तक सिर्फ पछतावा ही हाथ लगेगा। परदहां मिल रोड निवासिनी ममता राय का कहना है कि युवा वर्ग जागरूक हो चुका है । इस बार की लोकसभा चुनाव में इसका खास असर दिखेगा। जागरूक युवा ही देश को नया आयाम देगा। पुरानी तहसील की ज्योति सिंह पहली बार मतदान को लेकर काफी रोमांचित हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के हाथ में जनप्रतिनिधियों के चयन का अधिकार है। इसलिए सोच समझ कर ही मतदान करेंगे। ऐसे जनप्रतिनिधि का चुनाव करेंगे जो जिले के विकास के लिए कार्य करें। निजामुद्दीनपुरा की जिज्ञासा पांडेय का कहना है कि कागजी योजनाओं की बात करने वाले के बजाय संसाधनों का समुचित प्रयोग करने वाले नेतृत्व को चुनना समझदारी होगी। हम ऐसे ही जनप्रतिनिधि के लिए वोट करेंगे। आलोक सिंह का कहना है कि निजी स्वार्थ की बजाय देश हित के बारे में सोच कर मतदान करें युवा। मोहित सिंह का कहना था कि युवाओं की सोच बदल चुकी है। जाति धर्म और मजहब से ऊपर उठे हैं।