मुहम्मदाबाद गोहना। कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र के करहंा में दो साल पहले संदिग्ध हालात में मरी विवाहिता की लाश को कब्र से निकालने की कार्यवाही बुधवार को तीसरी बार भी पूरी नहीं हो सकी। मुकदमा वादी विवाहिता के भाई के कब्रगाह पर नहीं जाने से पुलिस लाश नहीं निकलवा सकी। लाश निकालने की सूचना पर कब्रिस्तान के आसपास जमे सैकड़ों ग्रामीणों के विरोध की सूचना पर पुलिस भी लाश निकालने को लेकर कोई जहमत उठाने से बचती रही।
बलिया के रसड़ा कस्बा के पश्चिम मुहल्ला निवासी फरजाना पुत्री सेराजु की शादी मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के करहां गांव निवासी बेलाल से सात साल पहले हुई थी। शादी के पांच साल बाद 29 मार्च 2012 को फरजाना ससुराल में संदिग्ध हालात में मृत पाई गई। उस समय फरजाना का पति रोजीरोटी के सिलसिले में सऊदी रहता था। मृतका के भाई शकील ने अपनी बहन की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए उसके जेठ, जेठानी और ननद के खिलाफ 13 अगस्त 2012 को मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच में मृतका की मौत को स्वाभाविक बताते हुए और उभय पक्षों के सुलह समझौता कर लेने को आधार बनाते हुए 29 अगस्त को केस बंद करते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इस बीच शकील ने पुलिसिया कार्यवाही पर सवालिया निशान उठाते हुए पुलिस अधिकारियों के यहां न्याय की गुहार लगाई। उच्चाधिकारियों के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने पहली बार 26 नवंबर 2012 को कब्र से लाश निकलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों के विरोध व कब्र की पहचान न हो पाने से लाश नहीं निकाली जा सकी। शकील की सक्रियता के बाद एक बार फिर से 18 जनवरी 2013 को दुबारा लाश निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन स्थानीय निवासी विरोध पर उतर आए और पुलिस को कार्यवाही रोकनी पड़ी। 16 महीने बाद एक बार फिर से फरजाना प्रकरण आया और न्यायालय द्वारा पुन: विवेचना करने का आदेश पारित करने के बाद बुधवार को क्षेत्राधिकारी की देखरेख में लाश निकालने की तैयारी की गई, लेकिन कब्र की पहचान के लिए मृतका के भाई शकील द्वारा मौके पर जाने इनकार के बाद लाश नहीं निकाली जा सकी। हालांकि पुलिस द्वारा लाश निकलवाने की सूचना के बाद कब्रिस्तान के आसपास सैकड़ों ग्रामीण जुट गए थे। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी वंशीधर मिश्रा ने कहा कि सबसे बड़ा मसला फरजाना की कब्र की पहचान को लेकर उठ रहा है। मृतका के भाई शकील द्वारा भी कब्र की सही पहचान करने से इनकार के बाद बुधवार को लाश निकालने का कार्य पूरा नहीं हो सका।